पलामू। नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय में प्रशासनिक उठापटक तेज हो गई है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. दिनेश कुमार सिंह की वित्तीय और प्रशासनिक शक्तियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। साथ ही रजिस्ट्रार डॉ. नफीस अहमद का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। उनकी जगह प्रॉक्टर डॉ. मृत्युंजय कुमार को प्रभारी रजिस्ट्रार की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

अब बड़े फैसलों के लिए राजभवन की अनुमति जरूरी

राजभवन से मिले निर्देश के बाद विश्वविद्यालय स्तर पर जारी आदेश में कहा गया है कि कुलपति फिलहाल नियमित दैनिक कार्यों का ही संचालन करेंगे। महत्वपूर्ण प्रशासनिक और वित्तीय मामलों में निर्णय लेने से पहले राजभवन से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।इस आदेश के बाद विश्वविद्यालय में कुलपति के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीमित हो गए हैं।

10 सितंबर से लागू होना था रजिस्ट्रार का इस्तीफा

रजिस्ट्रार डॉ. नफीस अहमद ने करीब एक महीने पहले इस्तीफा दिया था। उनका इस्तीफा 10 सितंबर से प्रभावी होना था। इससे एक दिन पहले यानी 9 सितंबर को डायरेक्टर हायर एजुकेशन के निर्देश पर डॉ. मृत्युंजय कुमार को प्रभारी रजिस्ट्रार नियुक्त कर दिया गया।डॉ. मृत्युंजय कुमार फिलहाल विश्वविद्यालय में प्रॉक्टर के पद पर कार्यरत हैं।

वित्तीय अनियमितताओं को लेकर पहले से घिरा है विश्वविद्यालय

विश्वविद्यालय में कथित वित्तीय गड़बड़ियों को लेकर छात्र संगठन पहले से आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों ने आरटीआई के जरिए विश्वविद्यालय की ऑडिट रिपोर्ट हासिल की है और रिपोर्ट में सामने आई जानकारियों को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं।इसी मुद्दे को लेकर छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग भी की थी।

रजिस्ट्रार को लेकर भी राजभवन में शिकायत

छात्र नेता राहुल दुबे के मुताबिक, रजिस्ट्रार से जुड़े मामले को लेकर भी राज्यपाल को पत्र सौंपा गया था। छात्र संगठनों का कहना है कि विश्वविद्यालय में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी।फिलहाल कुलपति और पूर्व रजिस्ट्रार की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।