शब्बीर अहमद, भोपाल। राजधानी के भोपाल नगर निगम (BMC) में एक बार फिर वित्तीय अनियमितता और जालसाजी का बड़ा मामला सामने आया है। नेशनल लोक अदालत के दौरान नगर निगम में करीब ₹14.69 लाख रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स घोटाला उजागर हुआ है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो कंप्यूटर ऑपरेटरों को गिरफ्तार कर लिया है।

इस तरह हुआ घोटाले का खुलासा

यह पूरा मामला बीते 14 मार्च 2026 को आयोजित हुई नेशनल लोक अदालत के दौरान प्रकाश में आया। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने वार्ड प्रभारी की आधिकारिक ‘यूजर आईडी’ का गलत इस्तेमाल करके एक-दो नहीं, बल्कि पूरी 106 फर्जी रसीदें काट दीं। इन रसीदों के जरिए संपत्ति मालिकों से टैक्स की राशि तो वसूल ली गई, लेकिन उस रकम को नगर निगम के आधिकारिक खजाने या बैंक खाते में जमा ही नहीं किया गया। यह पूरी राशि आरोपियों ने आपस में ठिकाने लगा दी।

दो कंप्यूटर ऑपरेटर गिरफ्तार, जांच जारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्परता से जांच शुरू की, जिसमें कंप्यूटर ऑपरेटर सिराज और मोहम्मद समीर की मुख्य भूमिका सामने आई। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है और उनसे सघन पूछताछ की जा रही है। पुलिस इस मामले में किसी बड़े सिंडिकेट या अन्य अधिकारियों की संलिप्तता से भी इनकार नहीं कर रही है।

जल्द ही कुछ और गिरफ्तारियां

मामले की तह तक जाने के लिए पुलिस द्वारा- संबंधित वार्ड प्रभारियों के बयान दर्ज किए गए हैं। जोनल अधिकारियों से पूछताछ कर उनके बयान लिए गए हैं। उन संपत्ति मालिकों को भी जांच में शामिल किया गया है, जिनकी फर्जी रसीदें काटी गई थीं। पुलिस का कहना है कि पूछताछ और बयानों के आधार पर इस घोटाले में शामिल कुछ अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है, और जल्द ही कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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