Automobile Desk: देश के इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार की तस्वीर अब तेजी से बदलने लगी है। किसी ज़माने में नया-नया बाजार बनाकर सिरमौर बनीं प्योर-इलेक्ट्रिक कंपनियों को पछाड़कर अब बरसों पुरानी पारंपरिक ऑटो कंपनियां मार्केट पर कब्जा जमाती दिख रही हैं। सितंबर महीने के शुरुआती 28 दिनों के आंकड़े तो यही गवाही दे रहे हैं। TVS Motor, Bajaj Auto और Hero MotoCorp के Vida ब्रांड ने मिलकर इस अवधि में देश के कुल इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर रजिस्ट्रेशन का 61.8 प्रतिशत हिस्सा अपने नाम कर लिया है। यह रुझान साफ दिखाता है कि भारतीय ग्राहक अब नया प्रयोग करने के बजाय विश्वसनीय और स्थापित ब्रांड्स की ओर रुख कर रहे हैं।
सरकारी Vahan पोर्टल के 28 सितंबर तक दर्ज आंकड़ों के अनुसार, 26.4 फीसदी बाजार हिस्सेदारी के साथ TVS Motor मजबूती से नंबर-1 पायदान पर काबिज है। इसके ठीक पीछे Bajaj Auto 23.6 फीसदी शेयर के साथ दूसरे स्थान पर बनी हुई है, जबकि Hero की Vida 11.7 फीसदी हिस्सेदारी हासिल करने में सफल रही। गौरतलब है कि इन तीनों कंपनियों का साझा शेयर अगस्त में 59.5 फीसदी और जुलाई में 60.6 फीसदी दर्ज किया गया था। हालांकि, महीने के अंतिम दो दिनों के आंकड़े जुड़ने पर अंतिम आंकड़ों में मामूली फेरबदल संभव है, लेकिन मोटे तौर पर रुझान तय हो चुका है।
बिक्री के आंकड़ों पर नजर डालें तो सितंबर के इन 28 दिनों के भीतर TVS ने कुल 49,677 इलेक्ट्रिक स्कूटरों का रजिस्ट्रेशन कराया। Bajaj भी 44,480 यूनिट्स के साथ ज्यादा पीछे नहीं रही। वहीं Ather Energy ने 27,690 यूनिट्स, Hero Vida ने 22,109 यूनिट्स और कभी शीर्ष पर रहने वाली Ola Electric ने केवल 11,984 यूनिट्स रजिस्टर कीं। इनके अलावा Ampere, River और Ultraviolette जैसी अन्य कंपनियों का कुल योगदान मिलाकर 32,000 यूनिट्स से अधिक का रहा।
बाजार में बजाज और विदा की रफ्तार लगातार तेज बनी हुई है। बजाज ऑटो की हिस्सेदारी जुलाई के 22.3 फीसदी और अगस्त के 22.4 फीसदी से सुधरकर सितंबर में 23.6 फीसदी पर पहुंच गई। TVS की हिस्सेदारी अगस्त के 26.7 फीसदी के मुकाबले सितंबर में घटकर 26.4 फीसदी जरूर हुई, पर शीर्ष पर उसकी पकड़ पूरी तरह मजबूत है। विदा ने भी लगातार सुधार करते हुए 11.7 फीसदी की हिस्सेदारी हासिल की। असल में देखा जाए तो पूरे साल इन तीनों का संयुक्त मार्केट शेयर 60 फीसदी के आसपास ही घूमता रहा है, जो अब बढ़कर अपने उच्चतम स्तर के करीब है।

इसके ठीक उलट, एक समय भारतीय EV मार्केट पर एकछत्र राज करने वाली Ola Electric के ग्राफ में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। सितंबर के शुरुआती 28 दिनों में कंपनी का मार्केट शेयर घटकर महज 6.4 फीसदी पर सिमट गया, जो अगस्त में 7.6 फीसदी और जुलाई में 6.9 फीसदी था। दूसरी तरफ, Ather Energy ने हाल ही में 99,000 रुपये की शुरुआती कीमत पर अपना नया मास-मार्केट मॉडल लॉन्च किया है, जिसकी डिलीवरी 21 सितंबर से शुरू हुई है। उम्मीद की जा रही है कि एथर के इस दांव का असर अक्टूबर के बिक्री आंकड़ों में देखने को मिलेगा।
कंपटीशन के इस नए दौर में पारंपरिक ऑटो दिग्गजों की यह सफलता यूं ही नहीं है। TVS, Bajaj और Hero जैसी दिग्गज कंपनियों के पास देशभर में फैला मजबूत डीलरशिप नेटवर्क, बेहतरीन मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और भरोसेमंद आफ्टर-सेल्स सर्विस की सुविधा मौजूद है। यही वजह है कि जब शुरुआती स्टार्टअप्स सर्विस और क्वालिटी के मोर्चे पर जूझ रहे हैं, तब ग्राहक बेझिझक इन पुराने ब्रांड्स का हाथ थाम रहे हैं। कुल मिलाकर देखें तो सितंबर में पूरा इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट ही मजबूत स्थिति में दिखा, जहां 28 दिनों में ही 1.88 लाख वाहन रजिस्टर हुए, जो अगस्त के कुल 1.83 लाख से भी ज्यादा है।

