पवन राय, मंडला। मध्य प्रदेश के जनजातीय बाहुल्य जिले मंडला को विकास का एक बेहद भव्य पैकेज मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंडला दौरे के दौरान जिले को 460 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले 74 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन कर बड़ी सौगात दी। एक ही मंच से पर्यटन, शिक्षा, प्रशासनिक सुविधाओं और वन आधारित अर्थव्यवस्था—चारों क्षेत्रों को नई दिशा देने वाले ऐतिहासिक फैसले सामने आए।

पर्यटन को लगेंगे पंख: टाइगर सफारी, जू और रेस्क्यू सेंटर की सौगात

प्राकृतिक खूबसूरती और वनों से घिरे मंडला जिले में पर्यटन को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। जिले में टाइगर सफारी, चिड़ियाघर (Zoo) और रेस्क्यू सेंटर जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को हरी झंडी दिखाई गई है। इन परियोजनाओं के आकार लेते ही जिले में पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और आर्थिक अवसरों का विस्तार होगा।

शिक्षा और प्रशासनिक क्षेत्र में बड़ा बदलाव, नए कॉलेज और हाईटेक भवन

आदिवासी अंचल के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए अब दूर-दराज के शहरों में नहीं भटकना पड़ेगा। घुघरी और मोहगांव में नए शासकीय कॉलेज खोले जाने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही प्रशासनिक व्यवस्थाओं को अधिक सुगम व पारदर्शी बनाने के लिए मंडला को कलेक्ट्रेट और एसपी (SP) कार्यालय के नए भवनों की भी सौगात मिली है।

वनांचल की अर्थव्यवस्था को मजबूती

वन उपज पर निर्भर वनांचल वासियों के लिए मुख्यमंत्री ने आर्थिक लाभ की बड़ी घोषणाएं कीं:

तेंदूपत्ता बोनस: प्रदेश के 9 लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को 36 करोड़ रुपये से अधिक की बोनस राशि वितरित की गई।

काष्ठ लाभांश: मंडला की 84 वन समितियों के करीब 40 हजार सदस्यों को 26 करोड़ रुपये से ज्यादा का काष्ठ लाभांश सौंपा गया।

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