Manohar Lal Khattar : चंडीगढ़। हरियाणा की राजनीति में 26 अक्टूबर 2014 का दिन महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी दिन मनोहर लाल ने प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। भाजपा की पहली पूर्ण बहुमत वाली सरकार के नेतृत्व के साथ शुरू हुआ उनका सफर करीब साढ़े नौ साल तक हरियाणा की सत्ता में जारी रहा। इसके बाद जून 2024 में उन्होंने केंद्र सरकार में केंद्रीय ऊर्जा तथा आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाली।
डिजिटल सेवाओं और पारदर्शी भर्ती पर जोर
मुख्यमंत्री रहते हुए मनोहर लाल ने सरकारी कामकाज में तकनीक के इस्तेमाल, ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर जोर दिया। उनकी सरकार ने सरकारी सेवाओं को डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने और योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने को प्राथमिकता दी।
सरकारी नौकरियों में योग्यता आधारित चयन और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था भी उनके कार्यकाल के प्रमुख मुद्दों में शामिल रही। सरकार ने ‘बिना पर्ची-बिना खर्ची’ के नारे के साथ भर्ती प्रक्रिया में सिफारिश और रिश्वत की भूमिका खत्म करने का दावा किया। इस नीति को युवाओं के लिए अवसरों की समानता से जोड़कर प्रस्तुत किया गया।
सादगी और जनसेवा को लेकर चर्चा
मनोहर लाल की सार्वजनिक छवि में सादगी और जनसेवा का भी उल्लेख होता रहा है। उपलब्ध विवरणों के अनुसार, उन्होंने अपना पुश्तैनी मकान पुस्तकालय के लिए दान किया और अपनी कृषि भूमि बेचकर मिली राशि प्रधानमंत्री राहत कोष में जमा कराई। मुख्यमंत्री रहते हुए वे अपने वेतन को भी राहत कोष में देने के लिए चर्चा में रहे।
हरियाणा से राष्ट्रीय राजनीति तक का सफर
12 मार्च 2024 को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद मनोहर लाल ने लोकसभा चुनाव लड़ा। करनाल सीट से जीत के बाद 9 जून 2024 को उन्होंने केंद्रीय मंत्री पद की शपथ ली। ऊर्जा मंत्रालय में बिजली की बढ़ती मांग, आपूर्ति व्यवस्था और आधारभूत ढांचे को मजबूत करना प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है। वहीं आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के तहत शहरी सुविधाओं और बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़े काम आते हैं।
इस तरह मनोहर लाल की राजनीतिक यात्रा हरियाणा में प्रशासनिक सुधारों की पहल से लेकर केंद्र में राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारियां निभाने तक फैली है।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

