Dharm Desk – ज्योतिष में मंगल को साहस, ऊर्जा, पराक्रम, भूमि और आत्मविश्वास का कारक ग्रह माना जाता है। मंगल की चाल चल बदलने का असर सभी 12 राशियों पर देखने को मिलता है। मंगल एक बार फिर अपना नक्षत्र बदलने जा रहे हैं। 24 सितंबर को सुबह 5.50 मिनट पर मंगल पुनर्वसु नक्षत्र से निकलकर पुष्य नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। मंगल 17 अक्टूबर को दोपहर 12.56 मिनट तक पुष्य नक्षत्र में रहेंगे। इस तरह करीब 23 दिनों तक मंगल का प्रभाव पुष्य नक्षत्र में देखने को मिलेगा।

पुष्य नक्षत्र के स्वामी शनि हैं। ज्योतिषीय गणना में मंगल और शनि का मूल स्वभाव एक दूसरे से विपरीतहै। यहां मंगल अग्नि तत्व का कारक माना जाता है। वही शनि को शीत वायु प्रकृति ग्रह माना गया है। ऐसे में मंगल का शनि के नक्षत्र में जाना कुछ राशियों के लिए सावधानी का समय माना जा रहा है। इस दौरान जल्द बाजी, अनावश्यक तनाव और अपनी सेहत की अनदेखी से बचना बेहतर रहेगा।

मेष राशि
मंगल का नक्षत्र परिवर्तन मेष वालों के लिए स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में सावधानी का संकेत लेकर आएगा। इस दौरान काम का दबाव या अत्यधिक भागदौड़ थकान बढ़ा सकती है। वाहन चलाते समय विशेष सावधानी रखें और जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचें । गुस्से में प्रतिक्रिया देने के बजाय धैर्य से काम लेना आपके लिए बेहतर रहेगा। नियमित दिनचर्या और पर्याप्त आराम पर ध्यान दें।

    कर्क राशि
    कर्क के जातकों को इस दौरान मानसिक तनाव और भावनात्मक उतार-चढ़ाव से बचने की कोशिश करनी होगी। छोटी-छोटी बातों को लेकर चिंता बढ़ सकती है। इसका असर काम पर भी पड़ सकता है। महत्वपूर्ण फैसले जल्द बाजी में न लें। परिवार या कार्यस्थल पर किसी बात को लेकर मत-भेद हो तो शांत रहकर बातचीत करें। अपनी ऊर्जा को सकारात्मक और जरूरी कामों में लगाने से लाभ मिल सकता है।

    धनु राशि
    धनु राशि के जातकों के लिए मंगल का पुष्य नक्षत्र में प्रवेश मानसिक दबाव बढ़ाने वाला हो सकता है । इस अवधि में काम की अधिक जिम्मेदारियों के कारण तनाव मह सूस हो सकता है। एक साथ कई काम करने के बजाय प्राथमिकता तय करके आगे बढ़ें। परिवार या करियर से जुड़े फैसलों में जल्द बाजी न करें। बेवजह की बहस से दूरी रखना और पर्याप्त आराम करना आपके लिए जरूरी रहेगा।

    वृश्चिक राशि
    वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल ही हैं। इसलिए इस नक्षत्र परिवर्तन का असर आपके लिए खास है। इस दौरान स्वास्थ्य को लेकर लापर वाही न करें। अत्यधिक गुस्सा या जल्द बाजी नुकसान दे सकती है। काम के दौरान सावधनी रखें। वाहन चलाते समय विशेष सतर्कता बरतें। अपनी दिनचर्या को व्यवस्थित रखना और तनाव पूर्ण परिस्थितियों में शांत रहना आपके लिए बेहतर रहेगा।

    इस परिवर्तन का प्रभाव कब तक रहेगा

    मंगल 24 सितंबर की सुबह पुष्य नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। और 17 अक्टूबर को दोपहर 12:56 बजे अश्लेषा नक्षत्र में चले जाएंगे। इसलिए मंगल का पुष्य नक्षत्र में रहने का यह चरण करीब 23 दिनों का होग। हालांकि किसी व्यक्ति पर इसका वास्तविक प्रभाव उसकी राशि के साथ जन्मकुंडली में मंगल की स्थिति और अन्य ग्रहों के प्रभाव पर भी निर्भर माना जाता है।