Automobile desk: भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में मारुति सुजुकी का एकतरफा राज लगातार जारी है। सितंबर का महीना कंपनी के लिए कारोबार के लिहाज से बेहद शानदार साबित हुआ। इस दौरान घरेलू बाजार में वाहनों की मांग में भारी उछाल दर्ज किया गया, जिसके दम पर कंपनी ने रिकॉर्ड बिक्री हासिल की और पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में अपना पहला स्थान मजबूती से बरकरार रखा।
कंपनी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में मारुति सुजुकी ने भारतीय बाजार में कुल 1,81,838 पैसेंजर गाड़ियां बेचीं। पिछले साल की इसी अवधि यानी सितंबर 2025 में यह आंकड़ा 1,32,820 यूनिट रहा था। इस तरह सालाना आधार पर कंपनी की घरेलू पैसेंजर वाहन बिक्री में लगभग 36.91 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। महीने-दर-महीने के प्रदर्शन पर नजर डालें तो अगस्त 2026 में बेची गई 1,76,971 इकाइयों के मुकाबले भी सितंबर में 2.75 प्रतिशत का सुधार देखने को मिला है।

विदेशी बाजारों में मांग, लाइट कमर्शियल वाहनों और अन्य कंपनियों को की जाने वाली आपूर्ति को शामिल कर लें तो मारुति की कुल सितंबर बिक्री 2,36,013 यूनिट तक पहुंच गई। पिछले साल के 1,89,659 यूनिट के मुकाबले इसमें 24.44 फीसदी की ग्रोथ हुई है। इस मजबूत प्रदर्शन का मुख्य श्रेय यूटिलिटी व्हीकल (SUV और MPV) सेगमेंट को जाता है। इस वर्ग में ब्रेजा, अर्टिगा, फ्रोंक्स, ग्रैंड विटारा, जिम्नी, ई-विटारा, इनविक्टो और XL6 जैसे मॉडलों की भारी मांग रही। कंपनी ने इस सेगमेंट में 78,911 गाड़ियां बेचीं, जो पिछले साल की तुलना में 62.05 प्रतिशत अधिक है।
दूसरी ओर, मिनी, कॉम्पैक्ट और मिड-साइज हैचबैक श्रेणी में 91,887 वाहनों की बिक्री हुई, जिसमें 24.02 प्रतिशत का उछाल आया। वैन श्रेणी में ईको की 11,040 इकाइयां बिकीं। निर्यात के मोर्चे पर भी कंपनी का प्रदर्शन बेहतर रहा और 44,219 वाहनों को विदेशी बाजारों में भेजा गया। हालांकि, टोयोटा को की जाने वाली वाहनों की सप्लाई घटकर 6,542 यूनिट रह गई, जिसमें बलेनो-आधारित ग्लांजा के नए मॉडल के आने से जुड़ी वजहों को कारण माना जा रहा है।
तिमाही नतीजों के लिहाज से भी जुलाई से सितंबर 2026 की अवधि मारुति सुजुकी के लिए काफी ऐतिहासिक रही। इस दौरान कुल 6,96,654 वाहनों की बिक्री दर्ज की गई, जो 26.46 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्शाती है। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही (अप्रैल से सितंबर 2026) में कंपनी का कुल आंकड़ा 13.79 लाख यूनिट्स को पार कर गया है। इतने शानदार बिक्री प्रदर्शन के बावजूद, शेयर बाजार में कंपनी के शेयरों में लगभग 5 प्रतिशत का दबाव देखने को मिला।

