रोहतक। सोनीपत स्टैंड क्षेत्र में मंगलवार उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक पिज्जा-बर्गर कैफे में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी आग ने विकराल रूप ले लिया और रसोई में रखा एलपीजी सिलिंडर धमाके के साथ फट गया।
कैफे संचालक जतिन के अनुसार, उन्होंने करीब एक माह पहले ही चार लाख रुपये में यह कैफे शुरू किया था और 23 हजार रुपये मासिक किराया तय हुआ था। घटना के समय दोपहर करीब साढ़े तीन बजे रसोई में कोई मौजूद नहीं था, जबकि नीचे ग्राहकों की आवाजाही जारी थी।


3 सिलिंडर में से एक में हुआ ब्लास्ट

अचानक शॉर्ट सर्किट से रसोई में आग लग गई। धुआं उठता देख कर्मचारी ऊपर पहुंचा, तब तक आग फैल चुकी थी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। इसी दौरान रसोई में रखे तीन सिलिंडरों में से एक जोरदार धमाके के साथ फट गया।
धमाका इतना तेज था कि पास की दुकान और एक मकान के शीशे टूट गए। सिलिंडर का एक हिस्सा करीब 50 मीटर दूर एक मकान की छत पर जा गिरा। हालांकि, फायर कर्मियों ने समय रहते बाकी दो सिलिंडरों को बाहर निकाल लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

समय रहते आग पर पाया काबू
धमाके के बाद पास स्थित निजी अस्पताल के डॉक्टर, मरीज और मेडिकल स्टोर संचालक भी एहतियातन बाहर आ गए। सिविल लाइन थाना प्रभारी महेंद्र सिंह ने बताया कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, अन्यथा नुकसान और बड़ा हो सकता था।
प्रत्यक्षदर्शी सुशील कुमार ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले धुआं देखा और तुरंत कैफे संचालक को सूचना दी। साथ ही तीन बार फायर ब्रिगेड को कॉल किया। आग बुझाने के दौरान ही सिलिंडर फट गया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।

नियमों की अनदेखी उजागर
घटना में यह भी सामने आया कि कैफे में व्यावसायिक उपयोग के बावजूद घरेलू एलपीजी सिलिंडर इस्तेमाल किए जा रहे थे। शहर में इस तरह के नियम उल्लंघन आम होते जा रहे हैं, जबकि प्रशासन की ओर से इस पर सख्ती नजर नहीं आ रही है।
गनीमत रही कि इस पूरे हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन घटना ने एक बार फिर सुरक्षा मानकों और प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।