सोहराब आलम, मोतिहारी। जिले में अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था और जेल की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह चाक-चौबंद रखने के लिए जिला प्रशासन इन दिनों बेहद सख्त और अलर्ट नजर आ रहा है। इसी कड़ी में देर रात मोतिहारी केंद्रीय कारा में एक बड़ा और अचानक सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इस औचक कार्रवाई से जेल के भीतर और बाहर हड़कंप मच गया, जिससे प्रशासनिक महकमे में भी सरगर्मी तेज हो गई। अचानक हुई इस छापेमारी से जेल प्रशासन और बंदियों के बीच भारी हलचल मच गई, क्योंकि किसी को भी इस तरह की कार्रवाई की भनक तक नहीं थी।
DM और SP के नेतृत्व में उतरी जवानों की टीम
जेल की सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए चलाई गई इस विशेष मुहिम का नेतृत्व खुद जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव और पुलिस अधीक्षक (एसपी) स्वर्ण प्रभात ने किया। उनके साथ सदर अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) अरुण कुमार भी मौजूद रहे। इस पूरी छापेमारी टीम में लगभग 200 की संख्या में पुलिस और सुरक्षा बल के जवान शामिल थे। भारी पुलिस बल के साथ अधिकारियों के अचानक जेल के भीतर दाखिल होने से माहौल पूरी तरह गंभीर हो गया। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच जवानों ने एक-एक करके जेल के सभी वार्डों को अपने घेरे में ले लिया।
दो घंटे तक चली सघन तलाशी
मोतिहारी सेंट्रल जेल के भीतर यह सघन तलाशी अभियान लगातार दो घंटे तक बिना किसी रुकावट के जारी रहा। इस दौरान जेल के कैदियों और हवालातियों के वार्डों, परिसरों, शौचालयों तथा अन्य संदिग्ध जगहों की पूरी बारीकी से छानबीन की गई। हालांकि, राहत की बात यह रही कि करीब दो घंटे चले इस लंबे और कड़े सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम को कोई भी आपत्तिजनक, प्रतिबंधित या अवैध सामान बरामद नहीं हुआ। इसके बावजूद इस प्रकार की औचक कार्रवाई से अपराधियों और असामाजिक तत्वों के बीच एक कड़ा संदेश जरूर गया है।
सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और भविष्य के संकेत
छापेमारी अभियान समाप्त होने के बाद जिलाधिकारी और एसपी ने संयुक्त रूप से जेल की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने जेल अधिकारियों को सुरक्षा के संबंध में कई आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। प्रशासन द्वारा की गई इस कार्रवाई को मुख्य रूप से जेल के अंदर सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने, किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पर पूरी तरह रोक लगाने और कैदियों पर कड़ी नजर रखने के उद्देश्य से उठाया गया एक बढ़िया कदम माना जा रहा है। जिला प्रशासन के इस कड़े रुख से स्पष्ट है कि अपराध नियंत्रण और जेल की सुरक्षा के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

