Mathania Nagar Palika Election 2026 के पहले अध्यक्ष पद के चुनाव में कांग्रेस ने बोर्ड बनाने में सफलता हासिल की है। 21 सितंबर 2026 को हुए मतदान और मतगणना में कांग्रेस प्रत्याशी लीला देवी ने भाजपा की इंद्रा देवी को 17-8 वोटों से हराया। 25 वार्ड वाली नगरपालिका में अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित था। नतीजे के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी और ढोल-नगाड़ों के साथ जीत का जश्न मनाया।

25 पार्षदों में लीला देवी को मिले 17 वोट
मथानिया नगरपालिका में अध्यक्ष के चुनाव के लिए सभी 25 पार्षदों ने मतदान किया। बहुमत के लिए 13 वोट जरूरी थे। लीला देवी को 17 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी इंद्रा देवी के खाते में 8 वोट आए। इस तरह लीला देवी ने बहुमत से चार वोट अधिक हासिल किए। इससे पहले हुए पार्षद चुनाव में कांग्रेस ने 25 में से 16 वार्ड जीते थे। भाजपा के सात पार्षद चुने गए थे, जबकि दो वार्ड में निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे। अध्यक्ष पद के चुनाव में कांग्रेस को इन दोनों निर्दलीय पार्षदों का समर्थन मिला और उसका आंकड़ा 17 तक पहुंच गया।
वार्ड 11 के बाद अध्यक्ष पद पर भी आमने-सामने
लीला देवी और इंद्रा देवी के बीच यह दूसरा सीधा चुनावी मुकाबला था। इससे पहले दोनों वार्ड नंबर 11 से पार्षद पद के लिए आमने-सामने थीं। उस चुनाव में लीला देवी ने इंद्रा देवी को हराया था। उपलब्ध चुनाव परिणाम के अनुसार लीला देवी को 367 और इंद्रा देवी को 246 वोट मिले थे। अध्यक्ष पद के लिए दोनों दलों ने एक बार फिर इन्हीं दोनों उम्मीदवारों को मैदान में उतारा। 21 सितंबर के चुनाव में लीला देवी ने दोबारा जीत दर्ज की और मथानिया नगरपालिका की पहली चेयरमैन बनीं।
जीत के बाद दिव्या मदेरणा का जश्न
कांग्रेस की जीत के बाद मथानिया में कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी की और ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया। पूर्व ओसियां विधायक दिव्या मदेरणा भी जीत के बाद समर्थकों के बीच नजर आईं। वह कार की छत पर चढ़कर जश्न मनाती दिखाई दीं। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में रहा। मथानिया चुनाव के दौरान दिव्या मदेरणा लगातार सक्रिय रही थीं। अध्यक्ष पद के चुनाव से पहले भी उन्होंने चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए थे।
चुनाव प्रक्रिया पर भी हुआ विवाद
मथानिया नगरपालिका चुनाव के दौरान कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक विवाद भी सामने आया। दिव्या मदेरणा ने भाजपा विधायक भैराराम सियोल, रिटर्निंग ऑफिसर और पुलिस-प्रशासन की भूमिका पर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। ये आरोप दिव्या मदेरणा की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं। नामांकन प्रक्रिया के दौरान भी विवाद हुआ था। 31 अगस्त को दिव्या मदेरणा आरओ कार्यालय के बाहर धरने पर बैठी थीं और उन्होंने आरोप लगाया था कि निर्धारित समय सीमा के बाद भाजपा विधायक आरओ कक्ष में मौजूद थे। बाद में प्रशासन ने चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए अतिरिक्त व्यवस्था की थी।
नई नगरपालिका के सामने अब विकास की जिम्मेदारी
मथानिया में पहली बार नगरपालिका बोर्ड का गठन हुआ है। ऐसे में नए बोर्ड के सामने स्थानीय नागरिक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे से जुड़े कामों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी। जीत के बाद लीला देवी ने साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल, मुख्य सड़कों के निर्माण और स्ट्रीट लाइट को प्राथमिकता देने की बात कही। मथानिया मिर्च मंडी और आसपास के व्यापारिक क्षेत्रों में नगरपालिका स्तर की आधुनिक सुविधाएं विकसित करना भी उनके बताए लक्ष्यों में शामिल है।
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