मथुरा के कुरकुंदा गांव के सूरज और अंशु की दिल्ली-आगरा हाईवे पर सड़क हादसे में मौत हो गई. दोनों की उम्र 17 वर्ष थी और रविवार को गांव से एक साथ उनकी अंतिम यात्रा निकली.

मथुरा. उत्तर प्रदेश के कुरकुंदा गांव में दो जिगरी दोस्तों की सड़क हादसे में मौत के बाद रविवार को पूरे गांव में मातम पसरा रहा. 17 वर्षीय सूरज और 17 वर्षीय अंशु शनिवार शाम पल्सर बाइक से घर का सामान लेने बरारी गए थे, लेकिन वापस लौटते समय रिफाइनरी थाना क्षेत्र में दिल्ली-आगरा हाईवे पर दुर्घटना का शिकार हो गए.

जानकारी के मुताबिक बरारी गांव में अंबेडकर पार्क के पास सड़क किनारे गैस कैप्सूल ट्रक खड़ा था. लौटते समय दोनों की बाइक पीछे से इसी ट्रक में जा घुसी. टक्कर के बाद दोनों किशोर गंभीर रूप से घायल हो गए.

अस्पताल में नहीं बची जान

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी जोरदार थी कि आसपास मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई.

राहगीरों ने दोनों किशोरों को बाइक से बाहर निकाला और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया. वहां उपचार के दौरान चिकित्सकों ने सूरज और अंशु को मृत घोषित कर दिया.

हादसे की खबर कुरकुंदा गांव पहुंचते ही दोनों परिवारों में मातम छा गया. परिजन और ग्रामीण अस्पताल की ओर पहुंच गए.

साथ निकली अंतिम यात्रा

सूरज और अंशु बचपन से एक-दूसरे के साथ थे. दोनों साथ खेलते, घूमते और गांव में भी उनकी दोस्ती को लेकर लोग उन्हें जिगरी यार कहते थे.

रविवार को जब दोनों की अर्थियां एक साथ गांव से निकलीं तो माहौल बेहद गमगीन हो गया. अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए.

दोनों दोस्तों के शवों को एक साथ अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया. अर्थियां देखकर परिजन खुद को संभाल नहीं सके और फफक-फफक कर रो पड़े. महिलाओं की चीख-पुकार से पूरे गांव का माहौल और भी शोकाकुल हो गया.

दो परिवारों में मातम

सूरज और अंशु की अचानक हुई मौत ने उनके परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया. दोनों परिवारों की खुशियां देखते ही देखते मातम में बदल गईं.

रविवार को कुरकुंदा गांव में हर तरफ शोक का माहौल रहा. ग्रामीण लगातार दोनों परिवारों के बीच पहुंचकर उन्हें ढांढस बंधाते रहे, लेकिन इस दुख की घड़ी में परिजनों को सांत्वना देने के लिए किसी के पास पर्याप्त शब्द नहीं थे.