मऊ में हत्या के मुकदमे की सुनवाई के दौरान खुद को मृत दिखाकर फरार चल रहे राजू उर्फ राजकुमार राजभर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. आरोप है कि उसने सजा से बचने के लिए गाजीपुर के श्मशान घाट पर चिता सजवाकर खुद को मृत दिखाने की साजिश रची थी.

मऊ. जिले में हत्या के एक मामले में सुनवाई के दौरान खुद को मृत दिखाकर फरार चल रहे आरोपी राजू उर्फ राजकुमार राजभर (38) को पुलिस ने रविवार सुबह 9:10 बजे गिरफ्तार कर लिया. कोतवाली नगर पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम ने उसे ख्वाजाजहांपुर मोहल्ले से पकड़ा. पूछताछ के बाद उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई और न्यायालय में पेश करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.

चिता सजवाकर रची साजिश

पुलिस के मुताबिक, हत्या के मामले में सजा से बचने के लिए आरोपी ने खुद को सरकारी अभिलेखों में मृत दिखाने की कोशिश की थी. इसके लिए 30 मई 2025 को गाजीपुर जिले के एक श्मशान घाट पर चिता सजवाई गई थी. इस दौरान परिवार के लोग भी मौजूद थे और आरोपी के चिता पर लेटकर फोटो खिंचवाने की बात सामने आई है.

2016 में हुई थी हत्या

अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने बताया कि ख्वाजाजहांपुर निवासी राजू उर्फ राजकुमार राजभर और उसका दोस्त सुदर्शन राजभर हत्या के एक मामले में आरोपी हैं. सुदर्शन गाजीपुर जिले के दुल्लहपुर थाना क्षेत्र के लाल भीतर मोहल्ले का निवासी है. दोनों के खिलाफ न्यायालय में मुकदमा विचाराधीन है.

पुलिस के अनुसार, 19 दिसंबर 2016 को कोतवाली क्षेत्र में मुंशीपुरा रेलवे लाइन के पास गोली मारकर योगेश सिंह की हत्या कर दी गई थी. योगेश सिंह दोहरीघाट थाना क्षेत्र के नगरीपार गांव के रहने वाले थे. उनके भतीजे अविनाश सिंह की शिकायत पर पुलिस ने राजू और सुदर्शन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी. जांच के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया था.

पुलिस ने राजू को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.