अभय मिश्रा, मऊगंज। मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले के नईगढ़ी क्षेत्र में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘जल जीवन मिशन’ (हर घर जल योजना) भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। 3 करोड़ 85 लाख 900 रुपये की लागत से स्वीकृत निर्माण कार्यों में भारी धांधली और गबन का पर्दाफाश होने के बाद आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने सख्त रुख अपनाया है। EOW ने रीवा जिले के भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष व ठेकेदार शिवेंद्र कुमार तिवारी सहित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) के तीन तत्कालीन इंजीनियरों पर आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है।

टेस्टिंग के दौरान ही ताश के पत्तों की तरह ढह गई थी टंकी

इस पूरे घोटाले का पर्दाफाश खटखरी गांव में हुए एक हादसे से हुआ। निर्माण एजेंसी एवं बीजेपी किसानमोर्चा जिला उपाध्यक्ष मेसर्स शिवेंद्र कुमार तिवारी द्वारा खटखरी में करीब 30 फीट ऊंची ओवरहेड पानी की टंकी बनाकर तैयार की गई थी। मार्च 2026 में जब पहली बार इस टंकी की टेस्टिंग के लिए इसमें पानी भरा गया तो यह भरभराकर नीचे गिर गई। हादसे के वक्त पास में मौजूद एक जेसीबी चालक बाल-बाल बचा। टंकी ढहने की इस घटना ने घटिया निर्माण और कागजी विकास की कलई खोलकर रख दी।

कागजों पर 740 कनेक्शन, जमीन पर एक भी नल नहीं

EOW द्वारा दर्ज FIR और जांच रिपोर्टों के अनुसार वर्ष 2021-22 में नईगढ़ी विकासखंड के खटखरी, करह उर्फ खैरागढ़, शिवराजपुर और जुड़मनिया-रघुनाथ गांवों में ओवरहेड टैंक, संपवेल, मोटर पंप और घर-घर नल कनेक्शन का काम स्वीकृत हुआ था।

जांच में जमीनी हकीकत देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए:

फर्जी नल कनेक्शन: करह गांव में फाइलों में 740 घरेलू नल कनेक्शन पूर्ण दिखाकर राशि निकाल ली गई, जबकि मौके पर किसी भी घर में नल की टोंटी या फिटिंग तक नहीं पाई गई।

गायब मोटर पंप: योजना में 5 मोटर पंप लगाए जाने थे, लेकिन मौके पर केवल 1 मोटर पंप ही मिला। कंक्रीट स्टैंड पोस्ट भी नदारद पाए गए।

अधूरी पाइपलाइन: कई गांवों में मुख्य पाइपलाइन केवल गांव की सीमा तक बिछाकर छोड़ दी गई। घरों के भीतर पानी पहुंचा ही नहीं।

अधूरे निर्माण: शिवराजपुर और जुड़मनिया में ओवरहेड टैंक और संपवेल के काम आज भी अधर में लटके हैं।

PHE के 3 बड़े अधिकारियों पर भी FIR, उठे राजनीतिक सवाल

EOW की जांच का सबसे अहम पहलू यह है कि जब जमीन पर काम अधूरा और गुणवत्ताहीन था, तो विभागीय अधिकारियों ने किस आधार पर कार्यों का सत्यापन किया और पूरी राशि का भुगतान कैसे कर दिया? साठगांठ के इसी आरोप में EOW ने तत्कालीन कार्यपालन यंत्री (EE) जे.पी. द्विवेदी, तत्कालीन सहायक यंत्री (AE) संजय पांडेय तत्कालीन उपयंत्री (JE) ए.पी. तिवारी और ठेकेदार शिवेंद्र कुमार तिवारी को आरोपी बनाया है।

ठेकेदार के सत्तारूढ़ दल भाजपा के किसान मोर्चा का रीवा जिला उपाध्यक्ष होने के कारण इस मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। विपक्ष सरकार से सवाल पूछ रहा है कि जनहित की इतनी बड़ी योजना में जब करोड़ों का गबन हो रहा था, तब निगरानी तंत्र कहां सोया हुआ था?

फिलहाल EOW ने आपराधिक मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है, जिससे संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है।

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