बरेली. मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कैसरगंज के पूर्व सांसद बृज भूषण सिंह के बयान का समर्थन किया है. उन्होंने आशंका जताई कि देश में हो रहे कुछ धरना-प्रदर्शनों के दौरान देश विरोधी ताकतें सक्रिय हैं. ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए. मौलाना ने कहा कि विरोध करना हर व्यक्ति का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन इसकी आड़ में देश की एकता और अखंडता को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए.

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बृज भूषण सिंह के बयान को बताया सही

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि धरना-प्रदर्शनों को लेकर बृज भूषण सिंह ने जो बातें कही हैं, वे सही हैं. मौजूदा समय में कुछ प्रदर्शनों के दौरान देश विरोधी ताकतें सक्रिय हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के कुछ लोग भी ऐसी बातें कर रहे हैं, जो देशहित में नहीं हैं.

बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका का दिया उदाहरण

मौलाना ने कहा कि कोई बांग्लादेश बनाने की बात कर रहा है, कोई नेपाल और श्रीलंका का जिक्र कर रहा है, तो कोई तख्तापलट की बात कर रहा है. उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान देश को नुकसान पहुंचा सकते हैं. मौलाना ने ऐसी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की.

शांतिपूर्ण प्रदर्शन को बताया संवैधानिक अधिकार

मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को धरना-प्रदर्शन करने और अपनी मांग रखने का अधिकार है. लेकिन विरोध शांतिपूर्ण होना चाहिए. उन्होंने कहा कि आंदोलन की आड़ में हिंसा, तोड़फोड़ या देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाना उचित नहीं है.

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आम लोगों और कारोबार को नुकसान न हो

मौलाना ने प्रदर्शनकारियों और विभिन्न संगठनों से अपील की कि वे आम लोगों की परेशानियों का ध्यान रखें. उन्होंने कहा कि प्रदर्शनों के कारण रोजगार और कारोबार प्रभावित हो सकते हैं. दिल्ली के कनॉट प्लेस, जंतर-मंतर और मध्य क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को भी परेशानी हो सकती है. मौलाना ने विपक्ष और आंदोलन आयोजित करने वाले संगठनों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि किसी भी आंदोलन से देश की एकता, अखंडता और आम जनता को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए.