बसपा सुप्रीमो मायावती ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं और अन्य वर्गों के लिए की जा रही घोषणाओं को लेकर जनता को सतर्क रहने की अपील की. उन्होंने यूपी से मजबूरी में हो रहे पलायन, नेपाल की बाढ़ और कांशीराम की पुण्यतिथि के कार्यक्रम को लेकर भी निर्देश दिए.

सतीश सिंह, लखनऊ. उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले आधी आबादी यानी महिलाओं को लेकर राजनीतिक दलों द्वारा की जा रही घोषणाओं पर बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि चुनावी स्वार्थ के लिए वोटिंग से पहले महिलाओं और अन्य वर्गों को निजी लाभ देने वाली ‘रेवड़ियों’ तथा लुभावने वादों और घोषणाओं के जरिए चुनाव को प्रभावित किया जाता है, जबकि सरकार बनने के बाद जनता से वादाखिलाफी होती है.

मायावती ने जनता से ऐसे कथित छलावे और विश्वासघात से सावधान रहने तथा स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रूप से अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की.

संगठन की समीक्षा

सोमवार को विधानसभा चुनाव को लेकर प्रदेश कार्यालय पर आयोजित समीक्षा बैठक में बसपा सुप्रीमो मायावती की अध्यक्षता में पार्टी के दिवंगत विधायक उमाशंकर सिंह को श्रद्धांजलि दी गई. बैठक में उमाशंकर सिंह के बेटे भी शामिल थे.

इसके बाद मायावती ने 75 जिलों के जिलाध्यक्षों से पार्टी संगठन संबंधी मंडलवार प्रगति रिपोर्ट ली. रिपोर्ट लेने के बाद सरकारों की वादाखिलाफी को लेकर मायावती ने कहा कि गैर-जिम्मेदारी आदि के विरुद्ध बीएसपी के संघर्ष के साथ-साथ ‘जेन-जी व जेन-अल्फा तक को ऐसे जनविरोधी रवैयों के कारण संघर्ष के लिए उतरकर पुलिस मुकदमा आदि जैसे सरकारी दमन का सामना करना पड़ रहा है.

बैठक में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद पोलिंग बूथ स्तर तक कमेटियों के पुनर्गठन की स्थिति की समीक्षा की गई. मायावती ने संगठन में रह गई कमियों को समयबद्ध ढंग से दूर करने और चुनावी तैयारियों को बदलते राजनीतिक हालात के अनुसार और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए.

यूपी से पलायन पर चिंता

मायावती ने महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी और पिछड़ेपन के कारण यूपी से हो रहे मजबूरी के पलायन पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि सरकारों की घोषणाएं इन समस्याओं के समाधान के बजाय कई बार चुनावी छलावे जैसी प्रतीत होती हैं.

मायावती ने दावा किया कि बीएसपी सरकारों ने बिना किसी चुनावी मजबूरी के लगातार जनहित और जनकल्याण के काम किए तथा ‘सामाजिक परिवर्तन व आर्थिक मुक्ति’ की दिशा में ऐतिहासिक कार्य किया.

कांशीराम पुण्यतिथि कार्यक्रम

मायावती ने बीएसपी संस्थापक मान्यवर कांशीराम की 9 अक्टूबर को होने वाली पुण्यतिथि के कार्यक्रम को पूरी मिशनरी भावना से आयोजित करने के निर्देश दिए. उन्होंने बताया कि इस वर्ष कार्यक्रम केवल लखनऊ में वीआईपी रोड स्थित भव्य ‘मान्यवर श्री कांशीराम जी स्मारक स्थल’ पर आयोजित किया जाएगा.

उन्होंने कहा कि पश्चिमी यूपी समेत पूरे प्रदेश से लोग लखनऊ पहुंचकर कांशीराम को श्रद्धांजलि देंगे और ‘मा. कांशीराम जी का मिशन अधूरा, बीएसपी करेगी पूरा’ तथा ‘मा. कांशीराम जी का मिशन अधूरा, मा. बहनजी करेंगी पूरा’ जैसे संकल्पों के साथ श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे.

मायावती ने बताया कि यूपी-दिल्ली सीमा पर स्थित बहुजन प्रेरणा केंद्र में सरकारी रख-रखाव का कार्य चल रहा है. इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने से किसी दुर्घटना की आशंका को देखते हुए इस वर्ष पश्चिमी यूपी के लोग भी लखनऊ आकर कांशीराम स्मारक स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे.

नेपाल की बाढ़ पर चिंता

मायावती ने पड़ोसी देश नेपाल में आई भीषण बाढ़ से भारतीयों सहित हुई जन-धन की भारी क्षति पर दुख व्यक्त किया. उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से यूपी में बाढ़ प्रभावित लोगों को तत्काल हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की.

उन्होंने विशेष रूप से पूर्वांचल के लोगों की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि बाढ़ की वजह से गरीबी, भूख और कर्ज के बोझ से प्रभावित परिवारों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं. उन्होंने आपदा योजनाओं का लाभ तत्काल जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने तथा हर वर्ष आने वाली बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत बताई.