सतीश सिंह, लखनऊ. स्कूलों में हिजाब पहनने को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट का निर्णय सामने आने के बाद बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने प्रतिक्रिया दी है. मायावती ने कहा कि बाबा साहेब ने सभी जाति-धर्मों के मानने वालों को सेक्युलर संविधान देकर पूरे देश को सशक्त भारत बनाने की गारण्टी सुनिश्चित की है. इसके तहत् सभी धर्म के धार्मिक रीति-रिवाज व मान्यताओं के आधार पर सुखी जीवन जीने का अधिकार है. जिसकी अनदेखी करने व उसमें दखल देने के बजाय सभी को उसकी पवित्रता का सम्मान करना चाहिये.

बुधवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि महिलाओं की अस्मिता, सम्मान व पर्दा आदि के ज़रिये अपने आत्म-सम्मान व स्वाभिमान की रक्षा जैसे मामलों को उसकी उसी संवेदनशीलता से देखना चाहिये. उन्होंने कहा कि जहाँ तक स्कूलों में यूनीफार्म, पर्दा, चादर, हिजाब आदि पहन्ने का मामला है, तो इन मामलों को कोर्ट-कचहरी में विवाद का क़ानूनी मुद्दा बनाने के बजाय, उन्हें स्थानीय स्तर पर स्कूल प्रबंधन व शासन-प्रशासन की आपसी समझ व सूझबूझ से सुलझा लेना चाहिये. जिससे किसी को भी इसकी आड़ में संकीर्ण राजनीति करने का मौक़ा ना मिल पाये.

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मायावती ने कहा कि बीएसपी सर्वसमाज के सम्मान व उनके जान-माल व मज़हब की सुरक्षा की गारण्टी वाली अम्बेडकरवादी पार्टी है. यही मानना है कि किसी भी धर्म, धार्मिक ग्रंथ व धार्मिक मान्यताओं के संवेदनशील मामलों पर सभी लोग टीका-टिप्पणी करने से बचें तो यह देश व जनहित में होगा. वहीं बदायूं में बाबा साहेब की प्रतिमा की स्थापना को लेकर जारी विवाद को लेकर मायावती ने कहा कि शासन व प्रशासन को तत्काल इसका शांतिपूर्ण व उचित समाधान निकालने चाहिए, जो उचित होगा.