लखनऊ. बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने देश की राजनीति में बढ़ती बयानबाजी और आपसी कटुता पर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध अब व्यक्तिगत स्तर तक पहुंच रहा है. नेताओं की ओर से की जा रही आपत्तिजनक और जातिवादी टिप्पणियां देश की गरिमा के लिए चिंता का विषय हैं.

मायावती की यह प्रतिक्रिया पटना में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर दिए गए बयान के बाद आई है. हालांकि, अपनी पोस्ट में मायावती ने किसी नेता का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया. उन्होंने सभी दलों और नेताओं से मर्यादा बनाए रखने की अपील की.

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राजनीति में व्यक्तिगत टिप्पणियों पर जताई चिंता

मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि भारतीय राजनीति में आपसी अविश्वास, द्वेष और आरोप-प्रत्यारोप का स्तर लगातार गिर रहा है. अब बयानबाजी व्यक्तिगत हमलों तक पहुंच गई है. इसमें असंसदीय, अपमानजनक और जातिवादी टिप्पणियों के साथ हिंसक बयान भी देखने को मिल रहे हैं. उन्होंने इसे दुखद और चिंताजनक बताया.

शीर्ष नेताओं को सम्मान बनाए रखने की सलाह

बसपा प्रमुख ने कहा कि बड़े पदों पर बैठे नेताओं को एक-दूसरे के प्रति सम्मान रखना चाहिए. अगर आपसी सम्मान नहीं है, तब भी उन्हें आपत्तिजनक और नफरत बढ़ाने वाली राजनीति से बचना चाहिए. ऐसी बयानबाजी से देश की गरिमा को नुकसान पहुंचता है.

भ्रष्टाचार और चुनावी प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल

मायावती ने कहा कि सरकारी स्तर पर भ्रष्टाचार और चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों से जनता पहले ही परेशान है. ऐसे समय में नेताओं के बीच अहंकार की लड़ाई हालात को और खराब कर सकती है. उन्होंने कहा कि राजनीतिक व्यवस्था पर लोगों का भरोसा कमजोर होना देश और जनता के हित में नहीं है.

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गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई पर ध्यान देने की अपील

मायावती ने सभी राजनीतिक दलों से गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई जैसी समस्याओं पर ध्यान देने की अपील की. उन्होंने कहा कि जनता इन मुद्दों का समाधान चाहती है. नेताओं को बयानबाजी की होड़ छोड़कर जनहित के कामों पर ध्यान देना चाहिए. उनके मुताबिक, कटु और अपमानजनक टिप्पणियों से राजनीतिक माहौल और खराब होगा.