पुरानी दिल्ली के चाबड़ी बाजार इलाके में गुरुवार को निर्माणाधीन इमारत गिरने की घटना के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय नागरिकों और विभिन्न रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) संगठनों ने निगम प्रशासन पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं करने का आरोप लगाया है। आरडब्ल्यूए संगठनों का कहना है कि इस साल दिल्ली में कई इमारतों के गिरने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद एमसीडी की ओर से जमीनी स्तर पर जरूरी एहतियाती कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। संगठनों ने निर्माणाधीन इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था और निगम की निगरानी प्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं।

सभी जोन में निर्माणाधीन संपत्तियों की जांच

निगम अधिकारियों के मुताबिक, एमसीडी के सभी जोन में निर्माणाधीन संपत्तियों का निरीक्षण शुरू कर दिया गया है। जांच के दौरान भवन निर्माण उपनियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संपत्ति के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। निगम का उद्देश्य निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों और निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।

नियमों का उल्लंघन करने पर 10 नोटिस जारी

एमसीडी अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को जांच के दौरान कई स्थानों पर भवन निर्माण उपनियमों का उल्लंघन पाया गया। इस पर कार्रवाई करते हुए संबंधित लोगों को कुल 10 नोटिस जारी किए गए हैं। निगम ने सभी जोन में वार्ड स्तर पर प्रवर्तन टीमों का भी गठन किया है। ये टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में निर्माणाधीन इमारतों का निरीक्षण करेंगी और नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई करेंगी।

निगम ने सभी जोन में निर्माणाधीन इमारतों और संपत्तियों की जांच शुरू कर दी है। वहीं, पिछले तीन महीनों के दौरान भवन निर्माण उपनियमों का उल्लंघन करने वाली 1600 से अधिक संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। निगम अधिकारियों के मुताबिक, इस कार्रवाई के तहत करीब 1300 संपत्तियों के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई, जबकि 300 से अधिक संपत्तियों को सील किया गया है। निगम का कहना है कि भवन निर्माण उपनियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

सभी जोन में निर्माणाधीन इमारतों की जांच

एमसीडी प्रशासन ने सभी जोन में निर्माणाधीन संपत्तियों का निरीक्षण शुरू कर दिया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जांच के दौरान भवन निर्माण उपनियमों का उल्लंघन मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए। शुक्रवार को जांच के दौरान कई स्थानों पर नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 10 नोटिस भी जारी किए गए। इसके अलावा सभी जोन में वार्ड स्तर पर प्रवर्तन टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें अपने क्षेत्रों में निर्माण कार्यों की निगरानी करेंगी और नियमों का उल्लंघन करने वाली संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगी।

अवैध गतिविधियों पर भी निगम की नजर

दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के नजफगढ़ इलाके में एक संपत्ति पर अवैध गतिविधियां संचालित होने का मामला सामने आने के बाद निगम प्रशासन ने सभी जोन को जांच के निर्देश दिए हैं। इसके तहत व्यावसायिक और अन्य संपत्तियों में संचालित अवैध गतिविधियों की पहचान की जाएगी। निगम ने अवैध तरीके से गायों को रखने और बिना निर्धारित नियमों के डेयरी संचालित करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

निर्माण सुरक्षा और अवैध गतिविधियों पर होगी निगरानी

चाबड़ी बाजार में इमारत गिरने की घटना के बाद एमसीडी की कार्रवाई का दायरा अब निर्माणाधीन इमारतों से आगे बढ़कर अन्य अवैध गतिविधियों तक पहुंच गया है। निगम प्रशासन ने सभी जोन के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित जांच करने और नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

गोपाल नगर में अवैध गतिविधि पर चला बुलडोजर

नजफगढ़ के गोपाल नगर स्थित कृष्णा कॉलोनी में एक संपत्ति पर अवैध तरीके से गायों को रखने का मामला सामने आया था। इस मामले में निगम प्रशासन ने मंगलवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की थी। इसके बाद दिल्ली के विभिन्न इलाकों में इस तरह की अवैध गतिविधियों की पहचान कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

पशु चिकित्सा विभाग और प्रवर्तन टीमें करेंगी निरीक्षण

निगम प्रशासन के निर्देश पर पशु चिकित्सा विभाग और प्रवर्तन विभाग की टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में निरीक्षण करेंगी। इन टीमों को अवैध रूप से गायों को रखने और नियमों के विरुद्ध डेयरी संचालित करने वाली संपत्तियों की पहचान करने की जिम्मेदारी दी गई है।

शिकायत मिलने पर होगी सख्त कार्रवाई

एमसीडी के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली में किसी संपत्ति के अवैध इस्तेमाल या दुरुपयोग को लेकर शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा जोन स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों को अवैध रूप से गायों को रखने तथा अवैध डेयरियों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संपत्ति के खिलाफ जुर्माना लगाने के साथ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी की जा सकती है।

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