कुमार इंदर, जबलपुर। जबलपुर रेल मंडल में मेडिकल क्लेम के नाम पर लाखों रुपये के घोटाले का बड़ा मामला सामने आया है। रेलवे कर्मचारियों के इलाज से जुड़े मेडिकल बिलों में फर्जीवाड़ा कर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया जा रहा था। शुरुआती जांच में अब तक 19 मामलों में 40 लाख रुपये से अधिक की गड़बड़ी सामने आई है।
जबलपुर रेल मंडल के 3 कर्मचारी सस्पेंड
मामले में कार्रवाई करते हुए जबलपुर रेल मंडल के तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। जांच में खुलासा हुआ है कि बीमार कर्मचारियों के निजी अस्पतालों के मेडिकल बिलों को वास्तविक राशि से अधिक बढ़ाकर तैयार किया जाता था और इन्हीं फर्जी बिलों के आधार पर मेडिकल क्लेम लिया जाता था।
राशि पास कराने के एवज में कमीशन का खेल
बताया जा रहा है कि मेडिकल क्लेम की राशि पास कराने के एवज में कमीशन का खेल भी चल रहा था। इतना ही नहीं, कई ऐसे फर्जी बिलों का भुगतान भी किए जाने की बात सामने आई है, जिससे घोटाले का दायरा और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। प्रारंभिक जांच में रेलवे के कार्मिक और लेखा (Accounts) विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत भी सामने आई है।
विजिलेंस टीम कर रही मामले की जांच
फिलहाल रेलवे की विजिलेंस टीम पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद इस घोटाले में शामिल अन्य कर्मचारियों और संबंधित लोगों पर भी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। रेलवे प्रशासन का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से जारी है और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। शुरुआती तथ्यों ने रेलवे के मेडिकल क्लेम सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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