मेरठ में भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के बैनर तले किसानों ने कमिश्नरी कार्यालय पहुंचकर विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया. जिलाध्यक्ष कालू प्रधान ने मांगें पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की चेतावनी दी.

मेरठ. भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के बैनर तले सैकड़ों किसानों ने कमिश्नरी कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया. मंगलवार को किसानों और ग्रामीणों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर मंडलायुक्त को ज्ञापन सौंपा गया. इसमें स्वास्थ्य, विद्युत, चकरोड और पशुओं के टीकाकरण समेत कई मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई.

चकरोड खोलने की मांग

जिलाध्यक्ष कालू प्रधान ने प्रशासन के सामने कई प्रमुख मांगें रखीं. उन्होंने कहा कि राली गांव की चकरोड नहीं खोली गई तो किसान घर वापस नहीं जाएंगे.

उन्होंने यह भी कहा कि पिछले कई महीनों से संगठन प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन देकर समस्याओं से अवगत कराता रहा है. इसके बावजूद समाधान नहीं होने का उन्होंने आरोप लगाया.

अस्पताल की जांच की मांग

किसान नेताओं ने एक अस्पताल में मरीज के उपचार के दौरान कथित लापरवाही और अनियमितताओं की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की. जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि अस्पताल में डॉक्टरों की ओर से मरीज के साथ लापरवाही की गई.

उन्होंने कहा कि प्रशासन को इस मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करनी चाहिए.

बिजली तारों पर चिंता

कालू प्रधान ने खरखौदा, खड़ौली और पबली में जर्जर बिजली तारों का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि इन तारों की वजह से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.

जिलाध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि सभी समस्याओं का समयबद्ध समाधान नहीं किया गया तो संगठन किसी अधिकारी या अस्पताल के दबाव में नहीं झुकेगा. उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में किसान मौके पर ही अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे और न्याय मिलने तक घर वापसी नहीं होगी.

पुलिस ने संभाली व्यवस्था

सीओ सिविल लाइन दीक्षा भोरिया ने बताया कि भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के कार्यकर्ताओं ने कमिश्नरी चौराहे पर ट्रैक्टरों के साथ विरोध-प्रदर्शन किया था. पुलिस प्रशासन ने मौके पर पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात कर शांति व्यवस्था बनाए रखी.

उन्होंने बताया कि संगठन के पदाधिकारियों ने अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा है. इसे संबंधित उच्चाधिकारियों और विभागों को आगे की कार्रवाई के लिए भेजा जा रहा है.