मेरठ. मेरठ में बंदरों के बढ़ते आतंक से परेशान वार्ड-60 के लोगों ने बुधवार (8 अक्टूबर) को अनोखे अंदाज में प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारी बंदरों के मुखौटे पहनकर कमिश्नरी पहुंचे और प्रशासन से बंदरों को पकड़ने की मांग की. लोगों का आरोप है कि पिछले करीब दो महीने से इलाके में 200 से 300 बंदरों के झुंड घूम रहे हैं. इससे बच्चों, बुजुर्गों और स्थानीय लोगों में डर का माहौल है.

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घरों की पानी की टंकियां तोड़ने का आरोप

क्षेत्रवासियों का कहना है कि बंदर दिन-रात घरों और सड़कों के आसपास घूमते रहते हैं. वे घरों की पानी की टंकियां तोड़ने के साथ कपड़े फाड़ देते हैं और दूसरे सामान को भी नुकसान पहुंचाते हैं. लोगों के मुताबिक, कई बार बंदर अचानक हमला भी कर देते हैं.

स्कूलों के आसपास भी जमा रहते हैं बंदर

भाजपा पार्षद रेखा सिंह और पूर्व पार्षद नीरज के नेतृत्व में लोगों ने डीएम को ज्ञापन सौंपा. लोगों ने बताया कि क्षेत्र में कई स्कूल हैं और उनके आसपास भी बंदरों के झुंड जमा रहते हैं. अभिभावकों को बच्चों की सुरक्षा की चिंता सता रही है.

पार्षद समेत कई लोगों को काटने का दावा

लोगों ने दावा किया कि बंदरों के हमले में कई लोग घायल हो चुके हैं. उनका कहना है कि हाल में एक पार्षद और उनके बेटे के अलावा एक बुजुर्ग को भी बंदरों ने काट लिया. इससे लोगों में दहशत बढ़ गई है.

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नगर निगम और वन विभाग पर जिम्मेदारी टालने का आरोप

पूर्व पार्षद नीरज ने आरोप लगाया कि नगर निगम और वन विभाग के अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं. कई बार नगर स्वास्थ्य अधिकारी और वन विभाग को शिकायत की गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने कहा कि किसी बड़ी घटना से पहले बंदरों को पकड़ा जाना जरूरी है. प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि डीएम, नगर निगम और वन विभाग की संयुक्त बैठक कर जिम्मेदारी तय की जाए और अभियान चलाकर बंदरों को पकड़ा जाए.