लखनऊ. उत्तर प्रदेश में बाढ़ के बीच गुरुवार को मौसम ने एक बार फिर करवट ली. लखनऊ, बाराबंकी, सीतापुर और सुल्तानपुर समेत 5 शहरों में सुबह से रुक-रुककर बारिश हो रही है. लखनऊ में सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए हैं और अंधेरा जैसा माहौल बना हुआ है. मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 42 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. पहले से जलभराव और बाढ़ की मार झेल रहे इलाकों में नई बारिश से लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं.
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गोमती नदी का जलस्तर 10वें दिन भी बढ़ा
लखनऊ में गोमती नदी का पानी 10वें दिन भी बढ़ रहा है. नदी का पानी आसपास के इलाकों में फैलने से कई सड़कें जलमग्न हो गई हैं. प्लासियो मॉल के आसपास का इलाका टापू जैसा नजर आ रहा है. यहां आने-जाने वाली सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया है. कई जगहों पर लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है.
इकाना स्टेडियम और आपदा प्रबंधन दफ्तर तक पानी
बाढ़ का असर शहर के प्रमुख इलाकों और संस्थानों तक पहुंच गया है. इकाना स्टेडियम और आपदा प्रबंधन कार्यालय तक पानी पहुंचने की जानकारी सामने आई है. वहीं IIIT परिसर भी जलमग्न हो गया है. परिसर में पानी भरने के कारण संस्थान को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है. इसके साथ ही परीक्षाएं भी टाल दी गई हैं. संस्थान की ओर से आगे की तारीख की जानकारी बाद में दी जाएगी.
फैजुल्लागंज में 40 हजार घरों में पानी
लखनऊ के फैजुल्लागंज इलाके में जलभराव की स्थिति गंभीर बनी हुई है. यहां करीब 40 हजार घरों में पिछले 8 दिनों से पानी भरा है. कई इलाकों में पानी की गहराई 5 से 6 फीट तक बताई जा रही है. लगातार जलभराव के कारण लोगों को घरों से निकलने, जरूरी सामान लाने और रोजमर्रा के काम करने में परेशानी हो रही है. नई बारिश से जलस्तर और बढ़ने की आशंका है.
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पश्चिमी विक्षोभ से बदला मौसम
लखनऊ के वैज्ञानिक अतुल सिंह के मुताबिक, यूपी के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है. इसके असर से प्रदेश में मौसम में बदलाव आया है और कई इलाकों में बारिश हो रही है. मौसम विभाग ने आज 42 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बारिश होने से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है. स्थानीय स्तर पर जलभराव वाले इलाकों पर नजर रखी जा रही है. लोगों को अनावश्यक रूप से पानी भरे इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी जा रही है.

