मेरठ के परतापुर स्थित एयरपोर्ट एंक्लेव में निर्माणाधीन मंदिर पर कार्रवाई के लिए पहुंची एमडीए की टीम को स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा. महिलाओं ने ढोलक-मंजीरे लेकर भजन गाते हुए विरोध किया, जिसके बाद टीम बिना कार्रवाई किए लौट गई.

मेरठ. परतापुर स्थित एयरपोर्ट एंक्लेव में निर्माणाधीन मंदिर पर कार्रवाई करने पहुंची मेरठ विकास प्राधिकरण की टीम को बुधवार को स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा. एमडीए की टीम बिना स्थानीय पुलिस बल और पूर्व सूचना के बुलडोजर लेकर पहुंची थी, जिसके बाद महिलाओं ने मंदिर के सामने बैठकर भजन गाते हुए कार्रवाई का विरोध किया.

निर्माणाधीन मंदिर परिसर में बुलडोजर से ध्वस्तीकरण की कोशिश होते ही स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुटने लगी. महिलाओं ने ढोलक और मंजीरे लेकर राम-धुन और भजन शुरू कर दिए, जिसके बाद पार्षद पुत्र आकाश काशी, मंदिर समिति के सदस्य और अन्य स्थानीय लोग भी वहां पहुंच गए.

महिलाओं ने किया विरोध

विरोध कर रही महिलाओं ने मंदिर के सामने बैठकर लगातार भजन-कीर्तन किया. स्थानीय लोगों की मौजूदगी बढ़ने के बीच एमडीए की टीम के पास सुरक्षा के लिए स्थानीय पुलिस बल मौजूद नहीं था.

विरोध के बीच अधिकारियों ने मंदिर पर कोई कार्रवाई नहीं की और टीम अपने वाहनों से मौके से लौट गई. घटना के बाद स्थानीय लोगों ने एमडीए की कार्रवाई और प्रशासनिक तैयारियों को लेकर सवाल उठाए.

नोटिस को लेकर सवाल

पार्षद के बेटे आकाश काशी ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने बिना नोटिस के आस्था से जुड़े स्थल पर कार्रवाई करने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि स्थानीय लोग मंदिर और अपनी आस्था के सम्मान के लिए एकजुट हैं तथा मंदिर को टूटने नहीं देंगे.

आकाश काशी ने प्राधिकरण से कथित तानाशाही रवैया छोड़कर नियमानुसार बातचीत के जरिए समस्या का समाधान निकालने की अपील की. इस घटना के बाद शहर में प्रशासन की कार्रवाई और तैयारियों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है.