चंदौली के रेवसा गांव के पास दलदली जमीन के कारण करीब 200 टन वजनी बॉयलर मशीन लेकर जा रहा 308 पहियों वाला ट्रेलर रविवार को रुक गया. मशीन को ओडिशा से उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी स्थित निर्माणाधीन प्लांट तक ले जाया जा रहा है, जिसके लिए रास्ते की मरम्मत का काम किया जा रहा है.
चंदौली. ताराजीवनपुर क्षेत्र में रेवसा गांव के पास रविवार को करीब 200 टन वजनी ओवर डायमेंशन कार्गो बॉयलर मशीन लेकर जा रहा 308 पहियों वाला ट्रेलर दलदली जमीन के कारण रुक गया. मशीन को ओडिशा से सड़क मार्ग के जरिए उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में निर्माणाधीन प्लांट तक पहुंचाया जा रहा है.
दलदली हिस्से के कारण ट्रेलर आगे नहीं बढ़ सका और रविवार को पूरे दिन रिंग रोड की सर्विस लेन पर खड़ा रहा. मशीन को आगे ले जाने के लिए रास्ते की मरम्मत का काम दिनभर जारी रहा.
वैकल्पिक रास्ते से निकला काफिला
बेल्जियम से समुद्री मार्ग के जरिए यह बॉयलर मशीन ओडिशा पहुंची थी. इसके बाद करीब 200 टन वजनी मशीन को 308 पहियों वाले विशेष महा ट्रक पर रखकर सड़क मार्ग से उत्तर प्रदेश ले जाया जा रहा है.
शुक्रवार को ट्रेलर नौबतपुर बॉर्डर से रवाना हुआ था, लेकिन शाम होने के कारण इसे कटसिला के पास हाईवे पर रोक दिया गया. शनिवार को पचफेड़वा के पास रिंग रोड पर पुल होने के चलते मशीन को वैकल्पिक मार्ग से निकालने की योजना बनाई गई.
योजना के मुताबिक पहले मशीन को रिंग रोड के रास्ते आगे ले जाना था, लेकिन यह संभव नहीं हो सका. रविवार को काफिला रेवसा के पास रिंग रोड की सर्विस लेन पर पहुंचा, जहां दलदली जमीन मिलने के बाद ट्रेलर को रोकना पड़ा.
रास्ते की हो रही मरम्मत
मशीन को दोबारा एनएच-19 पर लाने की तैयारी की जा रही है. इसे सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाने के लिए रास्ते की मरम्मत का काम कराया जा रहा है.
करीब आठ मीटर ऊंची और सात मीटर चौड़ी मशीन को निकालने के लिए एनएचएआई की ओर से हाईवे पर कटरियां तक लगे साइनेज और बोर्ड भी हटाए जा रहे हैं.
मशीन देखने जुटे लोग
विशालकाय बॉयलर मशीन को देखने के लिए मौके पर लोगों की भीड़ जुट रही है. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अलीनगर थाने के अपराध निरीक्षक रमेश कुमार यादव पुलिस टीम के साथ मौके पर मौजूद रहे.
मशीन के सोमवार को आगे बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है.


