नूंह। मेवात इंजीनियरिंग कॉलेज में बदहाली और वेतन विसंगतियों के विरोध में शैक्षणिक स्टाफ और विद्यार्थियों ने सांकेतिक भूख हड़ताल शुरू कर दी है। बुधवार को लाइब्रेरी असिस्टेंट भीष्म कुमार और मैकेनिकल इंजीनियरिंग के विद्यार्थी मोहम्मद अबु हुजैफा व सिविल इंजीनियरिंग के विद्यार्थी इमरान भूख हड़ताल पर बैठे। आंदोलनकारियों का कहना है कि 12 दिन तक विरोध करने के बाद भी उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने चेतावनी दी है कि समाधान नहीं निकला तो भूख हड़ताल अनिश्चितकालीन की जा सकती है।

वेतन और कॉलेज की बदहाली को लेकर विरोध

टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ के साथ विद्यार्थियों ने कॉलेज परिसर में बनाए गए अस्थायी आंदोलन स्थल पर नारेबाजी की। उनका आरोप है कि वक्फ बोर्ड के प्रशासक जाकिर हुसैन कॉलेज की समस्याओं का समाधान करने के बजाय इसे बंद करवाने की नीयत से काम कर रहे हैं। हालांकि, यह आंदोलनकारियों का आरोप है। उपलब्ध जानकारी में वक्फ बोर्ड प्रशासक का पक्ष शामिल नहीं है।

कर्मचारियों का दावा- मांगों पर बैठक नहीं बुलाई गई

मेवात इंजीनियरिंग कॉलेज (वक्फ) कर्मचारी कल्याण संघ के अध्यक्ष प्रोफेसर कलीम अहमद ने कहा कि कर्मचारी वेतन और भत्तों से जुड़ी मांगों को लेकर कई वर्षों से वक्फ बोर्ड को पत्र लिख रहे हैं। उनका दावा है कि अब तक इन मांगों पर चर्चा के लिए बैठक नहीं बुलाई गई। कलीम अहमद ने आरोप लगाया कि प्रशासक बोर्ड के सीईओ की मौजूदगी में बैठक नहीं करवाना चाहते। कर्मचारियों का कहना है कि लगातार विरोध के बावजूद समाधान नहीं निकला, इसलिए उन्हें भूख हड़ताल शुरू करनी पड़ी।

मध्यस्थता की कोशिश भी बेनतीजा

कॉलेज विवाद सुलझाने के लिए मेवात विकास सभा ने मध्यस्थता की पहल की। सभा के सदस्यों ने वक्फ अधिकारियों और शिक्षक-विद्यार्थियों के संयुक्त मोर्चे से बातचीत की, लेकिन इससे कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकला। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो सांकेतिक भूख हड़ताल को अनिश्चितकालीन किया जा सकता है।

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