पटना। शहर के स्वाद प्रेमियों के लिए इन दिनों बेली रोड का इलाका एक बेहतरीन ‘फूड डेस्टिनेशन’ बन गया है। बेली रोड नहर से दीघा नहर की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पर, पिलर नंबर 200 के समीप मेजबान फॉर एवरीवन द्वारा आयोजित विशेष व्यंजन उत्सव ने धूम मचा रखी है। यहां मशहूर शेफ गौरी के लजीज व्यंजनों की खुशबू लोगों को अपनी ओर खींच रही है।

​लाइव किचन और पारदर्शिता का अनूठा संगम

​इस उत्सव की सबसे बड़ी खासियत इसका ‘ओपन किचन’ कॉन्सेप्ट है। यहां आने वाले मेहमान न केवल भोजन का आनंद ले रहे हैं, बल्कि अपनी आंखों के सामने शुद्धता और स्वच्छता के साथ व्यंजन बनते हुए देख भी रहे हैं। शेफ गौरी का मानना है कि जब ग्राहक खाना बनते हुए देखता है, तो उसका विश्वास और भूख दोनों बढ़ जाते हैं। यहां पोषण और हाइजीन का विशेष ख्याल रखा गया है, जो आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है।

​चूर-चूर नान और दाल मखनी का खास जादू

​मेनू की बात करें तो यहां दिल्ली और पंजाब के प्रामाणिक व्यंजनों की भरमार है। विशेष रूप से चूर-चूर नान और दाल मखनी की जोड़ी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। इसके अलावा शाही पनीर की मखमली ग्रेवी और ठंडी-ठंडी बूंदी रायता ने लोगों का दिल जीत लिया है। हर निवाले में पंजाब की मिट्टी और दिल्ली की गलियों का असली स्वाद महसूस किया जा सकता है।

​शेफ गौरी की विशेष तकनीक: स्वाद और परंपरा

​संचालक और मुख्य शेफ गौरी ने बताया कि वे पारंपरिक खाना पकाने की शैली को जीवित रख रहे हैं। उनकी रसोई में तांबे के बर्तनों का उपयोग होता है, जो खाने के स्वाद और गुणवत्ता को बढ़ा देते हैं। सही तापमान, देसी मसालों का सटीक मिश्रण और धीमी आंच पर पकाने का समय यही वो चार स्तंभ हैं जो उनके खाने को साधारण से खास बनाते हैं।

​किफायती दाम में शाही अनुभव

​पटनावासियों से अपील करते हुए शेफ गौरी ने कहा, हमारा उद्देश्य पटना के लोगों को वही असली ज़ायका देना है जिसके लिए उन्हें दिल्ली या पंजाब जाना पड़ता था। यह उत्सव न केवल स्वादिष्ट है बल्कि काफी किफायती भी है। उन्होंने शहरवासियों को अपने परिवार और मित्रों के साथ इस जायकेदार सफर का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया है।