उत्तर प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान 1 से 20 नवंबर तक मनरेगा के नए कार्यों का संचालन नहीं किया जाएगा. शासन ने धान की कटाई और गेहूं की बुवाई के दौरान किसानों को पर्याप्त मजदूर उपलब्ध कराने के लिए कार्य स्थगन की अवधि में संशोधन किया है.

अलीगढ़. उत्तर प्रदेश में धान की कटाई और गेहूं की बुवाई के व्यस्त मौसम में किसानों को पर्याप्त मजदूर उपलब्ध कराने के लिए 1 से 20 नवंबर 2026 तक मनरेगा के नए कार्यों का संचालन नहीं किया जाएगा. वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए शासन ने विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन, ग्रामीण योजना के तहत कार्यों के निलंबन की अवधि में बदलाव किया है. इसकी जानकारी अलीगढ़ मंडल के कमिश्नर ओपी आर्य ने दी.

शासन ने बदली अवधि

कमिश्नर ओपी आर्य के मुताबिक, उत्तर प्रदेश शासन के ग्राम्य विकास अनुभाग-6 ने 8 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में अधिसूचना जारी की थी. कृषि गतिविधियों के चरम समय को ध्यान में रखते हुए पहले से निर्धारित कार्य स्थगन की अवधि में संशोधन किया गया है.

इससे पहले शासन ने 22 जुलाई 2026 को अधिसूचना जारी कर कार्यों के निलंबन की अवधि निर्धारित की थी. अब इसके दूसरे चरण से जुड़े प्रावधानों में बदलाव करते हुए धान की कटाई और गेहूं की बुवाई के लिए 1 से 20 नवंबर तक 20 दिनों की अवधि तय की गई है.

किसानों को मिलेंगे मजदूर

निर्धारित अवधि के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा के तहत नए कार्य शुरू नहीं किए जाएंगे. इस व्यवस्था का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर उपलब्ध श्रमिकों को कृषि कार्यों के लिए उपलब्ध कराना है, ताकि किसानों को धान की कटाई और गेहूं की बुवाई के दौरान मजदूरों की कमी का सामना न करना पड़े.

श्रमिकों की पर्याप्त उपलब्धता से खेती से जुड़े जरूरी काम समय पर पूरे करने में मदद मिलने की उम्मीद है. यह व्यवस्था कृषि कार्यों के व्यस्त मौसम में ग्रामीण श्रमबल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू की गई है.

अधिकारियों को निर्देश

कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि पूर्व अधिसूचना के अन्य सभी प्रावधान और शर्तें पहले की तरह लागू रहेंगी. उन्होंने अलीगढ़ मंडल के चारों जिलों के संबंधित अधिकारियों को शासनादेश के निर्देशों का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित कराने को कहा है.

प्रशासन का जोर यह सुनिश्चित करने पर है कि धान की कटाई और गेहूं की बुवाई के महत्वपूर्ण समय में किसानों को स्थानीय स्तर पर पर्याप्त श्रमिक मिल सकें.