अयोध्या में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए छह नई मिनी नंदिनी डेयरियां खोलने की चयन प्रक्रिया चल रही है. परियोजना लागत 23.60 लाख रुपये पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा और आधी डेयरियों का संचालन महिलाओं की ओर से किया जाएगा.
अयोध्या. वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए छह नई मिनी नंदिनी डेयरियां खोलने की चयन प्रक्रिया चल रही है. जिले में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 42 नई मिनी नंदिनी डेयरियां खोलने की योजना है. इनमें 2025-26 की 36 डेयरियों के लिए चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है.
नई डेयरियों में महिलाओं की भागीदारी को भी प्राथमिकता दी गई है. योजना के तहत 50 प्रतिशत डेयरियों का संचालन महिलाओं की ओर से किया जाना अनिवार्य किया गया है, जबकि डेयरी स्थापित करने के लिए परियोजना लागत का 50 प्रतिशत अनुदान शासन स्तर से दिया जाएगा.
छह डेयरियों का चयन
वित्तीय वर्ष 2026-27 की छह मिनी नंदिनी डेयरियों के लिए अब तक 234 लोगों ने आवेदन किया है. प्रत्येक डेयरी के लिए परियोजना लागत 23 लाख 60 हजार रुपये निर्धारित है, जिस पर 50 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा.
इन डेयरियों में पाली जाने वाली गायों की प्रजातियां भी निर्धारित की गई हैं. इस योजना के तहत साहीवाल और गिरि नस्ल की गायों की खरीद की जानी है. चयनित लाभार्थी इन नस्लों की गाय खरीदने के लिए दूसरे राज्यों के संपर्क में हैं.
36 डेयरियों का काम पूरा
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए चयनित सभी 36 मिनी नंदिनी डेयरियों का काम पूरा हो चुका है और अब इनके संचालन की तैयारी की जा रही है. इन डेयरियों के लिए गाय खरीदने की प्रक्रिया भी शुरू करा दी गई है.
चयनित लाभार्थियों के शेड आदि का निर्माण पूरा हो चुका है. विभाग की ओर से गायों की खरीद और प्रशिक्षण से संबंधित सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है.
पहले सात डेयरियां संचालित
अयोध्या जिले में इससे पहले चार नंदिनी और तीन मिनी नंदिनी डेयरियां संचालित थीं. नई मिनी नंदिनी डेयरियों के शुरू होने से स्थानीय स्तर पर दूध उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों की आय में वृद्धि और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है.
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. इंद्रदेव माहर ने बताया कि गत वर्ष चयनित सभी 36 डेयरियों का काम पूरा हो चुका है और उनके संचालन की तैयारी चल रही है.

