संजय पाटीदार, भोपाल। मंत्री प्रतिमा बागरी पर हाल ही में फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आरोप लगाए गए थे। इस मामले के बाद प्रदेश में जमकर विवाद हुआ था। लेकिन क्लीन चिट मिलने के बाद उन्होंने अपने ऊपर लगाए आरोपों को गलत बताने का अनोखा तरीका अपनाया। 3 गिलास लेकर उसमें अलग-अलग पेय पदार्थ डाला और सच्चाई को देखने का नजरिया समझाया। 

मंत्री प्रतिमा बागरी ने वीडियो जारी कर प्रैक्टिकल दिखाया और चाय, कॉफी और ग्रीन टी से उदाहरण समझाया। उन्होंने कहा कि दूर से सच नहीं दिखता। मेरा काम चाय जैसा शराब के गिलास में डालकर दारू बता दिया। प्रतिमा बागरी ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर सफाई देते हुए कहा, ‘गिलास में चाय है या ड्रिंक, यह कोई दूर से कैसे समझ सकता है। दूर का व्यक्ति मेरे ऊपर लगे आरोपों का सही ढंग से आकलन नहीं कर सकता। आरोप लगने से न मेरी सोच बदली है और न ही काम करने का तरीका।’

मंत्री ने ब्राह्मण और ठाकुर से छुआछूत की बात को निराधार बताया है। उन्होंने इसका खंडन करते हुए बताया कि उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया  हैअंग्रेजों के शासनकाल की 1916-17 की यह बात थी, उस समय छुआछूत भी थी और हर प्रकार की कुसंगति हमारे समाज में व्याप्त थी। 

प्रतिमा बागरी ने कहा, भारतीय जनता पार्टी की कार्यकर्ता होने के नाते हमने कभी छुआछूत को न माना है और न ही उसे बढ़ावा दिया है। आज समाज में चाहे कोई एससी, एसटी, ओबीसी या सामान्य वर्ग से हो, सभी सौहार्दपूर्ण वातावरण में एक-दूसरे के घर जाते हैं, निमंत्रण स्वीकार करते हैं और साथ बैठकर भोजन करते हैं। जिन लोगों के साथ कभी छुआछूत की समस्या रही होगी, वे भी आज यह नहीं कह सकते कि वर्तमान समय में उनके साथ ऐसी स्थिति है।

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