मिर्जापुर में सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष शिव शंकर यादव से जुड़ा एक वीडियो वायरल होने के बाद ब्राह्मण समाज के कुछ लोगों ने विरोध जताया. यादव ने वीडियो को फर्जी बताते हुए दावा किया कि पुराने वीडियो को एडिट कर तैयार किया गया है.

मिर्जापुर. समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष शिव शंकर यादव से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है. वीडियो में ब्राह्मणों और विवाह के दौरान पढ़े जाने वाले श्लोकों को लेकर कथित टिप्पणी की बात कही जा रही है, जबकि यादव ने इसे फर्जी बताया है.

वायरल वीडियो सामने आने के बाद ब्राह्मण समाज के कुछ लोगों ने विरोध जताया. विंध्याचल स्थित मां विंध्यवासिनी मंदिर में पूजा-पाठ करने वाले ब्राह्मणों ने भी इस कथित टिप्पणी पर नाराजगी व्यक्त की.

वीडियो में क्या दावा

वायरल वीडियो में कथित तौर पर कहा गया है कि शादी के दौरान ब्राह्मणों द्वारा बोले जाने वाले श्लोक एक तरह की गाली हैं. इसमें पंडितों के मंत्र पढ़ने और दक्षिणा लेने के तरीके को लेकर भी टिप्पणी किए जाने की बात कही जा रही है.

वीडियो के वायरल होने के बाद इसे लेकर विवाद बढ़ गया. ब्राह्मण समाज के लोगों ने इस कथित टिप्पणी को लेकर आपत्ति दर्ज कराई.

ब्राह्मणों ने जताया विरोध

पंडित अनुपम महराज, सुनील कुमार और जयकुमार मिश्र ने कहा कि इस कथित टिप्पणी से समाज में आक्रोश है. उन्होंने कहा कि सनातन धर्म और ब्राह्मण समाज के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी स्वीकार्य नहीं है.

उन्होंने कथित तौर पर श्लोकों को झूठा बताए जाने और ब्राह्मणों को ठग कहे जाने जैसी बातों पर भी विरोध जताया. उनका कहना था कि ऐसी टिप्पणियां नहीं की जानी चाहिए.

शिव शंकर का पक्ष

विवाद बढ़ने के बाद शिव शंकर यादव ने भी अपना पक्ष रखा. उन्होंने वायरल वीडियो को फर्जी बताया और कहा कि यह 15 से 20 साल पुराना वीडियो है, जिसे किसी ने एडिट करके तैयार किया है.

यादव ने कहा कि उनके गुरु भी ब्राह्मण हैं और वह ब्राह्मणों के खिलाफ कैसे बोल सकते हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि मिर्जापुर में उन्होंने ब्राह्मण समाज को जितना सम्मान दिया है, उतना कोई नहीं दे सकता.