Automobile Desk – ऑटोमोबाइल जगत से ऑफ-रोडिंग के दीवानों के लिए एक बेहद शानदार और बड़ी खबर सामने आ रही है। जापानी कार निर्माता कंपनी मिुत्सुबिशी (Mitsubishi) अपनी सबसे लोकप्रिय और आइकोनिक SUV ‘पजेरो’ (Pajero) को एक बार फिर नए अवतार में पेश करने की पूरी तैयारी कर चुकी है। करीब दो दशक यानी 20 साल के लंबे इंतजार के बाद यह धाकड़ 4×4 SUV अंतरराष्ट्रीय बाजार में फिर से कदम रखने जा रही है। कंपनी आगामी 2 सितंबर को इसके नए मॉडल से आधिकारिक तौर पर पर्दा उठाएगी।

पुरानी Pajero ने अपनी मजबूती, बेजोड़ ऑफ-रोडिंग क्षमता और टिकाऊ बनावट के दम पर दुनिया भर के कार प्रेमियों के दिलों पर राज किया था। अब नए अवतार में वापसी को लेकर माना जा रहा है कि कंपनी इसके पुराने मूल मिजाज को बरकरार रखते हुए इसमें modern तकनीक का तड़का लगाएगी। ग्लोबल मार्केट में इस नई पजेरो की सीधी टक्कर Toyota की दिग्गज SUV Land Cruiser Prado से मानी जा रही है।

रिपोर्ट्स और लीक्स की मानें तो नई पजेरो को बेहद मजबूत ‘लैडर-फ्रेम चेसिस’ पर तैयार किया जाएगा। ऑफ-रोड ड्राइविंग के शौकीनों के लिए यह चेसिस सबसे मुफीद मानी जाती है, क्योंकि यह उबड़-खाबड़ और पथरीले रास्तों का दबाव आसानी से झेल सकती है।

परफॉर्मेंस और ग्रिप को बेहतर बनाने के लिए कंपनी इसमें अपना पेटेंट ‘S-AWC’ (Super All-Wheel Control) सिस्टम दे सकती है। यह एडवांस्ड ऑल-व्हील-ड्राइव तकनीक मौसम और सड़क की चुनौतीपूर्ण स्थितियों में हर पहिये पर सही पावर ट्रांसफर करती है। मित्सुबिशी अपनी पिकअप ट्रक ट्राइटन (Triton) में इस तकनीक का इस्तेमाल पहले से कर रही है, और अगर यह पजेरो में आती है तो इसकी ग्रिप और कंट्रोलिंग का कोई जवाब नहीं होगा।

पावरट्रेन की बात करें तो कंपनी ने फिलहाल आधिकारिक तौर पर इंजन डिटेल्स का खुलासा नहीं किया है। हालांकि ऑटो एक्सपरट्स का अनुमान है कि नई पजेरो को डीजल-हाइब्रिड (Diesel Hybrid) इंजन के साथ उतारा जा सकता है। यह कॉम्बिनेशन गाड़ी को न सिर्फ बेजोड़ पावर देगा, बल्कि आज के दौर की जरूरत के हिसाब से बेहतरीन माइलेज भी सुनिश्चित करेगा।

लॉन्च के बाद शुरुआती चरण में इसे जापान, अमेरिका, यूरोप और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में बेचे जाने की उम्मीद है। जहां तक भारतीय बाजार की बात है, तो फिलहाल इसके भारत आने को लेकर कंपनी की तरफ से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन ऑफ-रोडिंग लवर्स भारत में भी इसकी वापसी की आस लगाए बैठे हैं।