बरहमपुर। ओडिशा के प्रसिद्ध एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज में स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक और सोशल मीडिया पर वायरल होने के बहुचर्चित व संवेदनशील मामले में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। इस पूरे मामले की गहन पड़ताल के लिए जांच का जिम्मा क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है।
विशेष जांच टीम का किया जाएगा गठन
क्राइम ब्रांच के महानिदेशक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस हाई-प्रोफाइल मामले के गूढ़ रहस्यों का पर्दाफाश करने के लिए एक विशेष जांच टीम का गठन किया जाएगा। क्राइम ब्रांच ने प्राथमिक स्तर पर साक्ष्य जुटाने और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। जांच एजेंसी मुख्य रूप से इस बात का पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा केंद्र से प्रश्नपत्र को किस तरह बाहर निकाला गया, इसे वायरल करने के पीछे किन लोगों का हाथ है तथा इस गिरोह की शुरुआत कहां से हुई।
पेपर सोशल मीडिया पर हुई थी वायरल
उल्लेखनीय है कि एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज में गत 21 जुलाई से पीजी अंतिम वर्ष की परीक्षाएं शुरू हुई थीं। परीक्षा की प्रक्रिया जारी रहने के दौरान ही 27 जुलाई को प्रश्नपत्र की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने लगीं। जैसे ही यह खबर सार्वजनिक हुई, परीक्षार्थियों के बीच तीव्र असंतोष फैल गया और शिक्षा जगत तथा स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया।
घटना को बेहद गंभीरता से लेते हुए ओडिशा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति और कॉलेज प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एक आंतरिक जांच टीम का गठन किया था। हालांकि, मामले के तार अन्य संस्थानों से जुड़े होने, तकनीकी जटिलताओं और इसकी संवेदनशीलता को देखते हुए निष्पक्ष व कड़े एक्शन के लिए जांच क्राइम ब्रांच को हस्तांतरित कर दी गई।
क्राइम ब्रांच द्वारा कमान संभालने के बाद अब सभी की निगाहें जांच पर टिकी हैं। एजेंसी यह भी पता लगाएगी कि क्या इस मामले में कॉलेज का कोई कर्मचारी, वरिष्ठ अधिकारी या कोई बाहरी माफिया गिरोह शामिल है। अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि जांच पूरी होते ही दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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