Modi Cabinet Chintan Shivir: मोदी सरकार के कैबिनेट मंत्रियों का आज से 2 दिन का चिंतन शिविर शुरू हो गया है। यह 24 सितंबर तक चलेगा। इसकी थीम ‘विकसित भारत 2047’ है। इसमें पीएम मोदी कैबिनेट मिनिस्टर्स की क्लास लेंगे। पहले दिन यानी आज हर मिनिस्टर अपने मंत्रालय के काम का प्रेजेंटेशन देगा। इसके बाद चिंतन शिविर के दूसरे दिन मंत्रियों के काम का रिव्यू होगा और रिपोर्ट कार्ड बनाया जाएगा। फाइनल रिपोर्ट के आधार पर मोदी कैबिनेट में फेरबदल पर मुहर लगेगी।

सूत्रों के मुताबिक रिव्यू में मंत्रियों को ग्रेडिंग दी जाएगी। एक्सीलेंट, गुड, एवरेज, पुअर। एक्सीलेंट से लेकर गुड तक ग्रीन जोन में होंगे। एवरेज और उससे नीचे के मंत्री रेड जोन में आ जाएंगे। मतलब उन्हें संकेत मिल जाएगा की कैबिनेट विस्तार में उनकी कुर्सी खतरे में है।

24 सितंबर तक चलने वाले इस उच्चस्तरीय मंथन में पुरानी परंपराओं से हटकर राज्य मंत्रियों के बजाय केवल कैबिनेट मंत्रियों को ही तलब किया गया है। इससे पहले पीएम मोदी राज्य मंत्रियों और स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्रियों के साथ अलग-अलग दौर की समीक्षा बैठकें पूरी कर चुके हैं। इससे साफ है कि सरकार अपने कामकाज को लेकर एक सुनियोजित ऑडिट मोड में आ चुकी है।  बैठकों का यह क्रम मंत्रिपरिषद के विभिन्न स्तरों को शामिल करते हुए एक सुनियोजित प्रक्रिया की ओर इशारा करता है, जिसमें अब कैबिनेट मंत्रियों के लिए उनकी अपनी समर्पित बैठक तय की गई है।

प्रेजेंटेशन में 4 अहम मुद्दों पर फोकस

मोदी कैबिनेट मंत्रियों का प्रेजेंटेशन 4 अहम मुद्दों पर फोकस रहेगा। जेन जी से तालमेल के लिए अब तक उस मिनिस्टर ने क्या किया। तालमेल का फार्मेट क्या है? उसके इलाके में जेन जी के मुख्य मुद्दे क्या हैं? महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान (131वां) संशोधन विधेयक, मोदी सरकार अप्रैल में पास नहीं करवा पाई थी। 2014 के बाद पहली बार था, जब कोई सरकारी बिल वोटिंग के बाद गिर गया था। इस बिल पर चर्चा होगी। इसे कैसे पास करवाना है। सभी मंत्रियों से सुझाव मांगे गए हैं। साथ ही यूजीसी को भी प्रेजेंटेशन में रखने का आदेश दिया गया है। यूजीसी मुद्दे को लेकर जेन जी क्या सोचता है? यह आपके इलाके में कितना प्रभावी रहा। मिनिस्टर को ये भी बताना होगा कि उसके पास इशू को लेकर प्लान क्या है? रोजगार को लेकर युवा क्या सोचते हैं? वो कितना संतुष्ट हैं और कितना असंतुष्ट हैं। इसे भी मंत्रियों को अपने प्रेजेंटेशन में रखना है।

बता दें कि 2021 में मोदी ने पूरी केंद्रीय मंत्रिपरिषद के साथ कुल 5 ‘चिंतन शिविर’ किए थे। पहला 14 सितंबर को हुआ था और अंतिम नवंबर में हुआ। हर सत्र करीब 5 घंटे चला। इसमें मंत्रियों के कामकाज, कार्यकुशलता, समय और संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल, योजनाओं की निगरानी और शासन सुधार पर चर्चा हुई थी। इसके बाद नवंबर 2021 में 77 मंत्रियों को आठ समूहों में बांटकर अलग-अलग प्रशासनिक विषयों पर काम आगे बढ़ाने की कवायद भी हुई।

SIR पर चुनाव आयोग में फूट! 10 महीने में 14 बार दो चुनाव आयुक्तों ने फैसलों पर जताई नाराजगी, जानकारी के बिना निर्णय लेने का लगाया आरोप

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m