कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। राष्ट्रीय स्तर की नाबालिग आर्चरी खिलाड़ी से छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। सोनीपत की फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने आरोपी कोच को दोषी मानते हुए 5 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट के फैसले के बाद खेल जगत में भी इस मामले की चर्चा तेज हो गई है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नरेंद्र की फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने सोनीपत के आरोपी कोच कुलदीप वेदवान को 5 साल की सश्रम कैद और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने साफ किया कि यदि आरोपी जुर्माना नहीं भरता है तो उसे 3 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। कोर्ट ने इससे पहले 15 मई को आरोपी को दोषी करार दिया था, जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
जांच में सामने आया कि आरोपी कुलदीप मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला है और उत्तर प्रदेश, पुडुचेरी व जम्मू-कश्मीर में आर्चरी अकादमी संचालित करता है। मामले के सामने आने के बाद खेल प्रशिक्षण व्यवस्था और खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं।
शिकायत के अनुसार, अप्रैल 2023 में यूथ चैंपियनशिप ट्रायल के दौरान पीड़िता सोनीपत आई थी। आरोप है कि होटल में ठहरने के दौरान आरोपी कोच उसके कमरे में पहुंचा और गलत हरकत की। इतना ही नहीं, पीड़िता पर दबाव बनाने की भी कोशिश की गई। घटना के बाद नाबालिग खिलाड़ी ने अपने परिवार को पूरी बात बताई।
परिजनों की शिकायत पर अगस्त 2023 में थाना मुरथल में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस जांच और कोर्ट में सुनवाई के बाद अब आरोपी को सजा सुनाई गई है। इस फैसले को नाबालिग खिलाड़ियों की सुरक्षा और खेल संस्थानों में जवाबदेही के लिहाज से अहम माना जा रहा है

