वीरेंद्र कुमार/हरनौत। बिहार के नालंदा जिले स्थित हरनौत रेलवे स्टेशन पर गुरुवार सुबह एक हृदयविदारक घटना घटी। प्लेटफार्म संख्या एक के दक्षिणी छोर पर ट्रेन की चपेट में आने से 71 वर्षीय बुजुर्ग की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना सुबह करीब 7:06 बजे की है, जब राजगीर-दानापुर मेमू पैसेंजर ट्रेन (63339) स्टेशन में प्रवेश कर रही थी।

​क्या था पूरा घटनाक्रम?

​मृतक की पहचान हरनौत थाना क्षेत्र के मिरदाहाचक गांव निवासी सियाशरण जामादार के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, सियाशरण ने दो दिन पूर्व ही आंख का ऑपरेशन कराया था। गुरुवार सुबह वह फॉलो-अप जांच के लिए बिहारशरीफ जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रेन के आते ही बुजुर्ग ट्रैक पर आ गए और शरीर के दो टुकड़े हो जाने से उनकी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद स्टेशन परिसर में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।

​हादसा या आत्महत्या? जांच में जुटी पुलिस

​घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी बिहारशरीफ की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मामले में विरोधाभासी बयान सामने आ रहे हैं। परिजनों का कहना है कि वे इलाज के लिए ट्रेन पकड़ने आए थे, जबकि बख्तियारपुर आरपीएफ इंस्पेक्टर जवाहर लाल ने प्रथम दृष्टया इसे आत्महत्या करार दिया है। इंस्पेक्टर का दावा है कि बुजुर्ग को ट्रैक पर लेटते हुए देखा गया था। फिलहाल, पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।

​परिवार में मचा कोहराम

​सियाशरण जामादार के निधन से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वे अपने पीछे पत्नी, दो पुत्र और दो पुत्रियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। इस घटना ने पूरे गांव को शोकाकुल कर दिया है। सियाशरण के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्टेशन पर मची चीख-पुकार और बुजुर्ग की दर्दनाक मौत की चर्चा पूरे इलाके में है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना थी या सोची-समझी आत्महत्या। फिलहाल, पुलिस तकनीकी और घटनास्थल के साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई कर रही है।