Lifestyle Desk – Momos Red Chutney : मोमोज आजकल स्ट्रीट फूड पसंद करने वालों की पहली पसंद बन चुके हैं। गर्मागर्म मोमोज के साथ मिलने वाली तीखी और चटपटी लाल चटनी इसका स्वाद और भी बढ़ा देती है। कई लोग तो मोमोज से ज्यादा इस लाल चटनी के दीवाने होते हैं। लेकिन क्या हर जगह मिलने वाली मोमोज की लाल चटनी सेहत के लिए सुरक्षित होती है?

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर मोमोज की लाल चटनी नुकसानदायक होती है। खतरा मुख्य रूप से उसकी सामग्री, मात्रा, साफ-सफाई और उसे रखने के तरीके पर निर्भर करता है।आइए जानते हैं इसके सेवन कैसे करें।
बहुत ज्यादा आर्टिफिशियल कलर
मोमोज की लाल चटनी का चमकीला रंग देखकर अक्सर लगता है कि इसमें ढेर सारी लाल मिर्च और टमाटर डाले गए होंगे। लेकिन कुछ कमर्शियल चटनियों में रंग को आकर्षक बनाने के लिए फूड कलर का इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर इस्तेमाल किया गया रंग अनुमत सीमा से अधिक हो या गैर-अनुमोदित हो, तो यह चिंता का विषय बन सकता है।
MSG की अधिक मात्रा
कुछ चटनियों और दूसरे तैयार खाद्य पदार्थों में स्वाद बढ़ाने के लिए मोनोसोडियम ग्लूटामेट यानी MSG का इस्तेमाल किया जाता है। अधिकांश लोगों के लिए सामान्य मात्रा में MSG सुरक्षित माना जाता है, लेकिन कुछ संवेदनशील लोगों को ज्यादा मात्रा लेने पर सिरदर्द, मतली या दूसरी असहजता महसूस हो सकती है।
प्रिजर्वेटिव्स का इस्तेमाल
पैक्ड या कमर्शियल चटनी को ज्यादा समय तक सुरक्षित रखने के लिए कुछ प्रिजर्वेटिव्स का इस्तेमाल किया जाता है। जैसे सोडियम बेंजोएट और पोटैशियम सोर्बेट। इनका इस्तेमाल निर्धारित मात्रा में किया जाता है, लेकिन किसी भी खाद्य पदार्थ की तरह लेबल और मात्रा पर ध्यान देना जरूरी है।
बहुत ज्यादा तीखापन
लाल चटनी में मिर्च और कैप्साइसिन की मात्रा काफी ज्यादा हो सकती है। बहुत अधिक तीखा खाना कुछ लोगों में सीने में जलन, एसिडिटी, पेट दर्द या दस्त जैसी परेशानी पैदा कर सकता है। जिन लोगों का पेट संवेदनशील है, उन्हें खास तौर पर सावधानी बरतनी चाहिए।
बासी सामग्री बन सकती है खतरा
अगर चटनी बनाने में खराब या लंबे समय से रखी सामग्री का इस्तेमाल किया जाए, तो उसमें हानिकारक बैक्टीरिया पनप सकते हैं। ऐसी चटनी खाने से फूड पॉइजनिंग, उल्टी, दस्त और पेट में संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
नमक और तेल की मात्रा
कुछ चटनियों में स्वाद बढ़ाने के लिए नमक की मात्रा ज्यादा हो सकती है। वहीं, खराब गुणवत्ता वाले तेल का इस्तेमाल भी चिंता का विषय हो सकता है। अगर ऐसी चीजों का बार-बार और ज्यादा सेवन किया जाए, तो ये सेहत के लिहाज से नुकसानदायक होती है।



