प्रजापति, कालांवाली। हरियाणा के कालांवली क्षेत्र के बैंकों में नकदी संकट गहराने से आम जनता की मुश्किलें बढ़ गई हैं। गेहूं सीजन के चरम पर होने के बावजूद बैंकों के पास पर्याप्त कैश उपलब्ध नहीं है, जिससे किसान, आढ़ती, मजदूर और व्यापारी अपनी ही जमा पूंजी निकालने के लिए कई दिनों तक चक्कर काटने को मजबूर हैं। बैंक कर्मचारियों का कहना है कि पीछे से ही कैश की सप्लाई कम हो रही है, जिससे स्थिति नियंत्रण से बाहर है।

कृषि गतिविधियों और स्थानीय बाजार पर पड़ रहा असर

नकदी की कमी का सीधा असर कृषि गतिविधियों और स्थानीय बाजार पर पड़ रहा है। फसल बेचने के बाद किसानों के खातों में भुगतान तो आ गया है, लेकिन नकद राशि न मिलने से वे अगली फसल के लिए बीज, खाद और मजदूरों का भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल भुगतान की सीमित पहुंच के कारण किसान स्वयं को आर्थिक संकट में महसूस कर रहे हैं। मंडियों में काम करने वाले मजदूरों को भी समय पर मजदूरी नहीं मिल पा रही, जिससे उनके परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

बाजारों में इस नकदी संकट के कारण भारी मंदी

बाजारों में इस नकदी संकट के कारण भारी मंदी देखी जा रही है। कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स और कृषि उपकरणों की बिक्री में गिरावट आई है क्योंकि ग्राहक नकद राशि के अभाव में खरीदारी टाल रहे हैं। छोटे दुकानदार उधार देने से बच रहे हैं, जिससे व्यापारिक चक्र पूरी तरह प्रभावित हो गया है। बैंक शाखाओं के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं, जहां बुजुर्ग और महिलाएं घंटों इंतजार के बाद खाली हाथ लौटने को विवश हैं।

प्रशासन और बैंक अधिकारियों से मांग

प्रशासन और बैंक अधिकारियों से मांग की जा रही है कि ग्रामीण और मंडी क्षेत्रों की शाखाओं में तत्काल पर्याप्त नकदी भेजी जाए। सामाजिक संगठनों ने भी चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कैश की किल्लत दूर नहीं हुई, तो आगामी दिनों में आम जनता का आक्रोश बढ़ सकता है। फिलहाल, क्षेत्र की पूरी अर्थव्यवस्था इस समय बैंकों की खाली तिजोरियों के कारण ठहर सी गई है।