राकेश चतुर्वेदी, रायसेन/भोपाल। मध्य प्रदेश पटवारी संघ पूरे प्रदेश में बीते 17 सितंबर से किसानों के लिए स्वामित्व योजना में निष्पादक बनने को तैयार नहीं है। रायसेन में भी जिलेभर के 450 से ज्यादा पटवारी किसी भी कीमत पर निष्पादक बनने को तैयार नहीं है और इसका जमकर विरोध कर रहे है। सरकार से निष्पादक नहीं बनाने की मांग कर रहे है।

सरकार की किसानों के स्वामित्व की योजना में पटवारी को निष्पादक बनाए जाने के विरोध में विगत 17 सितंबर से पटवारी संघ इसका जमकर विरोध कर रहा है तो वहीं पटवारी निष्पादक ना बनाए जाने की मांग को लेकर लगातार आवेदन देता आ रहा है, लेकिन सरकार पटवारी की एक भी नहीं सुन रही है। इसी कड़ी में अगर बात करते हैं तो रायसेन जिले के भी लगभग 450 से अधिक पटवारी निष्पादक बनने को तैयार नहीं है।

निष्पादक छोड़ सभी काम करने को तैयार

पटवारियों का कहना है कि जिस किसान के पास अपनी जमीन की पहले से ही “वही” है तो पटवारी उस किसान की जमीन की दोबारा रजिस्ट्री कैसे करा सकता है। वहीं उनकी मांग है कि ऐसे में किसी भी प्रकार की विवाद की स्थिति होती है तो पटवारी को उसका जिम्मेदार बनाया जाएगा, जबकि निष्पादक के तौर पर मध्य प्रदेश शासन का नाम आना चाहिए, जिससे आने वाले समय में किसी को कोई परेशानी या कोर्ट कचहरी का मामला बनता है तो वह सरकार के विरुद्ध अपना केस लड़ सके ना कि पटवारी के खिलाफ।

पटवारियों का कहना है कि सरकार की ओर से निष्पादक हमे बनाया जा रहा है, ताकि आगे चलकर किसी भी कोर्ट कचहरी की समस्या से पटवारी को जूझना पड़ेगा और पटवारी को ही कोर्ट कचहरी के मामले में सामना करना पड़ेगा। सरकार हम सभी से निष्पादक को छोड़कर किसी भी कार्य को कराए हम किसानों के हित में सभी कार्य करने को तैयार हैं लेकिन निष्पादक नहीं बनेंगे।

निलंबित पटवारियों को बहाल करने की मांग

वहीं पटवारी ने मांग की है कि रायसेन जिले में उनके पांच पटवारी को निलंबित किया गया है जो कि सरासर गलत है, उनको तत्काल बहाल किया जाना चाहिए। अगर बहाल नहीं किया गया तो आगे से पटवारी अपनी योजना अनुसार कार्य करेंगे। सरकार को किसी भी कार्य में सहयोग नहीं करेंगे। पटवारी संघ के जिला अध्यक्ष गोविंद सिंह का कहना है कि सरकार किसानों के साथ किसी भी प्रकार के विवाद में पटवारी को ही पार्टी बनाना चाहती है। यह गलत है रिटायरमेंट के बाद भी पटवारी किसी भी विवाद में कोर्ट कचहरी के चक्कर काटता रहेगा। इसलिए सरकार को निष्पादक से पटवारी को हटाना चाहिए और मध्य प्रदेश शासन को निष्पादक बनाया जाना चाहिए।

दी ये चेतावनी

वहीं पटवारी संघ की जिला उपाध्यक्ष मीना राय का कहना है कि हम सरकार की सभी योजनाओं का निरंतर प्रचार प्रसार करते है और किसानों के सभी कार्य समय पर करते हैं लेकिन हम किसी भी कीमत पर निष्पादक नहीं बनेंगे। वहीं एक अन्य पटवारी आनंद सिंह पटेल ने कहा कि हमारे पांच साथियों को जो निलंबित किया गया है उनकी तत्काल बहाली होना चाहिए नहीं तो सारे पटवारी एकजुट होकर सरकार के खिलाफ जाएंगे।

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