Rajasthan Panchayat Election: जयपुर जिले के चौमूं क्षेत्र की मोरीजा ग्राम पंचायत में शनिवार को मतदान के बाद मतपेटियां सील करने के दौरान विवाद हो गया। राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय स्थित बूथ पर एजेंट को बाहर निकालकर मतपेटी सील करने और उसके हस्ताक्षर नहीं करवाने के आरोपों के बाद ग्रामीण भड़क उठे। भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर लोगों को खदेड़ा। अधिकारियों की समझाइश के बाद स्थिति संभली और रात 9 बजे के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना शुरू की गई।

एजेंट को बाहर निकालने के आरोप से बढ़ा विवाद

मोरीजा के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय स्थित मतदान केंद्र पर हंगामे की शुरुआत मतपेटियां सील करने के दौरान हुई। ग्रामीणों का आरोप था कि एजेंट को बाहर निकालकर मतपेटी सील कर दी गई। सील करने के बाद एजेंट के हस्ताक्षर भी नहीं करवाए गए। इस बात को लेकर विरोध शुरू हुआ। देखते ही देखते मतदान केंद्र के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। माहौल तनावपूर्ण हो गया और मौके पर मौजूद सामोद पुलिस तथा ग्रामीणों के बीच झड़प हो गई। इसके बाद भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया।

पथराव के बीच मौके पर पहुंचीं ASP

हंगामे की सूचना मिलने पर सामोद थानाप्रभारी हेमराज सिंह मौके पर पहुंचे और स्थिति संभालने की कोशिश की। इसके बाद डीएसपी शिवा शर्मा और तहसीलदार डॉ. विजयपाल विश्नोई भी घटनास्थल पर पहुंचे। एएसपी जया सिंह भी मौके पर मौजूद रहीं। पथराव के बीच उन्होंने लोगों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस ने पहले बातचीत के जरिए हालात सामान्य करने की कोशिश की, लेकिन तनाव कम नहीं हुआ। जिसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग किया और लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ दिया।घटना के बाद मौके से 12 से अधिक लोगों को डिटेन किया गया।

अफवाह से बिगड़े हालात

तहसीलदार डॉ. विजयपाल विश्नोई के अनुसार, मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होने के बाद मतपेटियां पैक की जा रही थीं। इसी दौरान एक एजेंट ने मतपेटियां बदले जाने की अफवाह फैला दी। तहसीलदार ने कहा कि मतपेटियां बदलने जैसी कोई बात नहीं थी। अफवाह फैलने के बाद बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और पुलिस पर पथराव करने लगे। पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा। उन्होंने बताया कि अशांति फैलाने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया जाएगा।

रात 9 बजे बाद शुरू हुई मतगणना

हंगामे के कारण मतदान केंद्र के बाहर कुछ देर तक अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बना रहा। अधिकारियों की समझाइश के बाद स्थिति सामान्य हुई। इसके बाद रात 9 बजे के बाद पुलिस सुरक्षा के बीच मतगणना शुरू की गई। एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है। प्रशासन के अधिकारी भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि मतगणना के दौरान दोबारा कोई विवाद न हो।

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