सोहराब आलम, मोतिहारी। बिहार के पूर्वी चंपारण जिला मुख्यालय स्थित मोतिहारी इंजीनियर महाविद्यालय में सीनियर और जूनियर छात्रों के बीच वर्चस्व और मामूली बात को लेकर उपजा विवाद इतना बढ़ गया कि पूरा कॉलेज परिसर कुछ ही पलों में रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। दोनों पक्षों के बीच जमकर ईंट-पत्थर चले और लाठी-डंडों से मारपीट हुई, जिससे शैक्षणिक माहौल पूरी तरह अशांत हो गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया और भारी संख्या में पुलिस बल को मौके पर रवाना किया गया।
पटाखा बजाने को लेकर शुरू हुआ था मामूली विवाद
मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे खूनी संघर्ष की शुरुआत बेहद मामूली बात से हुई थी। कॉलेज के 2025 बैच (सीनियर) और 2026 बैच (जूनियर) के छात्रों के बीच कैंपस के भीतर पटाखा फोड़ने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। यह विवाद कल देर रात से ही सुलग रहा था, लेकिन उस समय मामला किसी तरह शांत करा दिया गया था।
हालांकि, बात यहीं खत्म नहीं हुई। आज सुबह होते ही पुराने और नए बैच के छात्र एक बार फिर आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्षों के सैंकड़ों छात्र आपस में भिड़ गए। कॉलेज परिसर में दोनों तरफ से जमकर नारेबाजी, तू-तू मैं-मैं और शारीरिक झड़प हुई। छात्रों के इस उग्र रूप को देखकर कॉलेज के शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों के भी हाथ-पांव फूल गए।




पुलिस ने किया हस्तक्षेप और कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में अफरातफरी मच गई। त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थानीय थाने की पुलिस दल-बल के साथ तुरंत मोतिहारी इंजीनियर महाविद्यालय परिसर में पहुंची। पुलिस बल को देखकर छात्र तितर-बितर हुए, जिसके बाद बड़ी मुश्किल से स्थिति पर काबू पाया जा सका। पुलिस की मौजूदगी के बाद मामला शांत हुआ।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशिक्षु डीएसपी अभिषेक कुमार ने तुरंत मोर्चा संभाला। उन्होंने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। डीएसपी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि सीनियर और जूनियर छात्रों के बीच पटाखा बजाने को लेकर विवाद हुआ था। पुलिस ने दोनों पक्षों के छात्रों को कड़े शब्दों में समझा दिया है। प्रशासन ने यह भी साफ चेतावनी दी है कि कॉलेज परिसर में रैगिंग या इस तरह की किसी भी अनुशासनहीनता के लिए कोई जगह नहीं है। यदि भविष्य में ऐसी हरकत दोहराई गई, तो संबंधित छात्रों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जूनियर छात्रों को भेजा गया घर
छात्रों के बीच हुई इस बड़ी हिंसा और तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने भी तुरंत बड़ा कदम उठाया है। कॉलेज के प्राचार्य ने हालात की नजाकत को भांपते हुए 2026 बैच (जूनियर) के सभी छात्रों को तुरंत प्रभाव से छुट्टी दे दी है और उन्हें हॉस्टल व कैंपस खाली करने का निर्देश दिया गया है।

