सोहराब आलम/ ​मोतिहारी। बापूधाम रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ (RPF) और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने एक संयुक्त ऑपरेशन चलाकर मानव तस्करी के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई के दौरान 21 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है, जिन्हें संदिग्ध परिस्थितियों में ले जाया जा रहा था। इस मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है, जिससे पूछताछ जारी है।

​पढ़ाई के नाम पर बच्चों को ले जाने का झांसा

​जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि इन सभी बच्चों को मोतिहारी के चांदमारी स्थित एक होटल में रखा गया था। बच्चों से बातचीत के दौरान पता चला कि उन्हें ‘अच्छी पढ़ाई’ का लालच देकर यहां लाया गया था। तस्करों की योजना इन बच्चों को ट्रेन के माध्यम से भागलपुर ले जाने की थी। हालांकि, समय रहते आरपीएफ और चाइल्ड हेल्पलाइन की सतर्कता ने इस साजिश को नाकाम कर दिया।

​हिरासत में संदिग्ध, धर्म परिवर्तन की भी आशंका

​पुलिस ने जिस व्यक्ति को हिरासत में लिया है, उसकी पहचान फोनसिस क्रिसपोटा के रूप में हुई है, जो रांची (झारखंड) का निवासी बताया जा रहा है। पूछताछ के दौरान वह बच्चों को ले जाने के संबंध में कोई भी वैध दस्तावेज या संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।
​सभी बच्चे आदिवासी समाज से ताल्लुक रखते हैं और किसी के भी पास पहचान पत्र नहीं मिला है। जीआरपी प्रभारी संतोष कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह आशंका भी जताई जा रही है कि इन बच्चों को धर्म परिवर्तन के उद्देश्य से भागलपुर ले जाया जा रहा था। पुलिस अब इस पहलू पर भी गंभीरता से जांच कर रही है।

​चाइल्ड हेल्पलाइन को सौंपे गए बच्चे

​फिलहाल, सभी 21 नाबालिगों को सुरक्षा और पुनर्वास के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन के सुपुर्द कर दिया गया है। जीआरपी ने इस मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस सिंडिकेट के तार और कहां-कहां जुड़े हैं। स्थानीय प्रशासन इसे बाल अधिकारों के संरक्षण की दिशा में एक बड़ी सफलता मान रहा है।