सोहराब आलम, मोतिहारी। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी अंतर्गत सुगौली प्रखंड के श्रीपुर भटवलिया सपहेरिया (वार्ड संख्या-10) में इस वर्ष भी रक्षाबंधन के पावन पर्व पर एक भव्य और ऐतिहासिक दंगल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। हर साल की भांति इस बार भी इस पारंपरिक आयोजन को देखने के लिए स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ दूर-दराज के इलाकों से भारी जनसैलाब उमड़ा। इस खेल आयोजन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि ग्रामीण अंचलों में कुश्ती के प्रति लोगों का प्रेम और उत्साह आज भी पूरी तरह जीवित है।

​ऐतिहासिक परंपरा और निरंतरता

​श्रीपुर भटवलिया में रक्षाबंधन के अवसर पर दंगल प्रतियोगिता आयोजित करने की यह गौरवशाली परंपरा वर्ष 1961 से लगातार चली आ रही है। पिछले छह दशकों से अधिक समय से यह आयोजन स्थानीय संस्कृति और भाईचारे का प्रतीक बना हुआ है। समय के साथ-साथ इस आयोजन का स्वरूप और दायरा दोनों बड़े होते गए हैं, लेकिन इसकी मूल भावना और उत्साह में कोई कमी नहीं आई है। बुजुर्गों से लेकर नई पीढ़ी तक, हर कोई इस परंपरा से भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ है।

​रोमांचक मुकाबले और नामी पहलवानों का प्रदर्शन

​जिला कोच चुन्नू चौबे के कुशल संचालन और अध्यक्ष शोभा पासवान के नेतृत्व में आयोजित इस प्रतियोगिता में न केवल देश के विभिन्न राज्यों से, बल्कि पड़ोसी देश नेपाल से भी कई नामी और दिग्गज पहलवानों ने हिस्सा लिया। अखाड़े में उतरे इन पहलवानों ने अपनी बेहतरीन कुश्ती कला, फुर्ती और दमदार दांव-पेंच का ऐसा प्रदर्शन किया कि दर्शक अपनी जगहों पर मंत्रमुग्ध होकर बैठ गए।
​अखाड़े में जोगिंद्र पहलवान, काला पहलवान, अमर यादव (मिर्जापुर, नेपाल), रामराज यादव (सहोदरा), सतन पहलवान, प्रमेन्द्र (दिल्ली), राहुल (दिल्ली), अमरजीत (महाराष्ट्र), पुसार (दिल्ली) और जयमंगल यादव (नेपाल) जैसे जाने-माने पहलवानों के बीच कड़े मुकाबले हुए। जब भी किसी पहलवान ने अपने प्रतिद्वंद्वी को चित करने के लिए कोई नया दांव आजमाया, पूरा अखाड़ा तालियों की गड़गड़ाहट और उत्साहवर्धक नारों से गूंज उठा।

​मेले का उल्लास और जनसैलाब

​रक्षाबंधन पर आयोजित इस दंगल के साथ-साथ एक भव्य मेले का भी आयोजन किया गया, जिसने इस उत्सव के रंग को कई गुना बढ़ा दिया। मेले में बच्चों के खिलौनों, मिठाइयों, घरेलू सामान और चाट-पकौड़ों की सजी दुकानों पर लोगों की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिली। बच्चों ने जहां एक ओर झूलों और खिलौनों का आनंद लिया, वहीं युवाओं और बुजुर्गों ने रोमांचक कुश्ती मुकाबलों के साथ इस ग्रामीण मेले के हर पल का भरपूर लुत्फ उठाया। आयोजन स्थल पर हजारों की संख्या में जुटी भीड़ ने यह दिखा दिया कि ऐसे आयोजन सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने में कितनी बड़ी भूमिका निभाते हैं।

​सुरक्षा व्यवस्था और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति

​इस विशाल आयोजन को पूरी तरह शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल की मुस्तैदी से पूरा कार्यक्रम बिना किसी व्यवधान के सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
​इस अवसर पर क्षेत्र के कई गणमान्य लोग मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जिनमें जेपी यादव, शैलेश कुमार, कैलाश पासवान, शंभू साह, जैतुल्लाह अंसारी, मोहसिन कमाल, बाबूलाल बैठा, जैनेंद्र मिश्र, पवन कुमार और जोगेंद्र यादव प्रमुख रूप से शामिल रहे। इन सभी अतिथियों ने पहलवानों का उत्साहवर्धन किया और इस ऐतिहासिक परंपरा को भविष्य में भी इसी तरह सहेज कर रखने का संकल्प दोहराया।