सोहराब आलम, मोतिहारी। जिले में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले एक सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। सदर डीएसपी दिलीप कुमार सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि मारे गए सरकारी शिक्षक और पूर्व प्रमुख जफीर आजाद उर्फ चमन के बीच पहले से ही किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते आरोपी चमन और उसके सहयोगियों ने सुनियोजित तरीके से शिक्षक को पकड़ लिया। इसके बाद उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। गंभीर चोटें आने और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण शिक्षक की मौत हो गई थी। इस दुस्साहसिक वारदात ने इलाके के शिक्षकों और आम नागरिकों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया था।
नेपाल भाग गया था मुख्य आरोपी
घटना को अंजाम देने के तुरंत बाद मुख्य आरोपी जफीर आजाद उर्फ चमन पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए नेपाल फरार हो गया था। वह लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था ताकि पुलिस के हाथ न लग सके। हालांकि, मोतिहारी पुलिस लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी। पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी चमन नेपाल से वापस लौटकर मोतिहारी में किसी गुप्त व्यक्ति से मिलने आने वाला है। इस पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया और जाल बिछाकर उसे और उसके ड्राइवर उपेंद्र महतो को धर दबोचा।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस सनसनीखेज हत्याकांड में केवल चमन और उसका ड्राइवर ही शामिल नहीं थे, बल्कि इस साजिश और वारदात में कई अन्य लोग भी संलिप्त हैं। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य फरार अपराधियों की पहचान करने में जुटी है। सदर डीएसपी ने स्पष्ट किया है कि जल्द ही बाकी बचे हुए आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उन्हें कानून के कटघरे में खड़ा करके कड़ी सजा दिलाई जाएगी। इस कार्रवाई से पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।



