राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र के दूसरे दिन आज हरदा फैक्ट्री ब्लास्ट का मुद्दा गरमाया। विपक्ष ने सरकार को इस पक्ष में जमकर घेरा। सदन में हरदा विधायक रामकिशोर दोगने ने आरोप लगाते हुए कहा कि फैक्ट्री के बाहर बम रखे हुए हैं। फैक्ट्री के तहखाने में कई लोग काम कर रहे थे। हरदा के हर घर के कांच टूटे हैं। 15 किलो विस्फोटक रखने की परमिशन थी। वहीं विपक्ष ने सदन में मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग उठाई है। 

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हरदा विधायक रामकिशोर दोगने ने मौतों की संख्या पर उठाए सवाल

हरदा विधायक रामकिशोर दोगने ने मौतों के आंकड़ों पर सवाल उठाया। दोगने ने कहा कि फैक्ट्री में 600 लोग थे। इलाज के लिए केवल 200/250 लोग ही आए तो फिर बांकी कहां गए। फैक्ट्री के तलघर में करीब 200 लोगो के अभी भी दबे रहने की आशंका है। रेस्क्यू टीम ने तलघर में ठीक से नहीं देखा। आरोपी की चार चार फैक्ट्रियां चल रही थी। आग फेल जाती तो पूरा शहर बर्बाद हो जाता। बेसमेन्ट में विस्फोटक रखा था। आशंका है कि मिलेट्री में इस्तेमाल होने वाला विस्फोटक था। बहुत सारे लोग अभी भी मिसिंग है। हरदा विधायक रामकिशोर दोगने ने कहा कि हरदा हादसे पर जांच के लिये जो कमेटी बनाई गई है उसमें लोकल विधायक, पत्रकारों  को शामिल किया जाना चाहिए।

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कलेक्टर-एसपी को हटाने से नहीं चलेगा काम 

वहीं विपक्ष ने कहा कि कलेक्टर एसपी को हटाने से कुछ नहीं होगा। इसी मामले पर हाईकोर्ट में रिट लगी थी। विस्फोटक नियंत्रक अधिकारी कोर्ट में जवाब नहीं दे पाए। मानव जीवन पर संकट खड़ा कर रहे हैं। घटना और मौतें के जिम्मेदार तक पहुंचना चाहिए। 25-25 लाख की आर्थिक सहायता राशि दी जाए।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने उठाए सवाल

हरदा मामले को लेकर उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि हरदा की घटना बहुत गंभीर है। सरकार को सदन के अंदर होना चाहिए था। सरकार अपने चेंबर में बैठी हुई है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि हम हादसे पर गंभीर है। रामनिवास रावत ने कहा कि फैक्ट्री में जब हादसा हुआ कितने लोग थे। इसकी जानकारी नहीं दी गई। लायसेंस निरस्त होने के बाद भी फैक्ट्री चल रही थी।

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रामनिवास रावत पूछे ये सवाल 

वहीं रामनिवास रावत ने पूछा कि पटवारी तहसीलदार क्या कर रहे थे? कृषि भूमि पर फैक्ट्री कैसे संचालित हो रही थी? बारूद का इतना स्टॉक कैसे रखा गया? लेबर्स का बीमा था या नहीं? विपक्ष ने कहा कि जो घटना के लिए जिम्मेदार है, वही मौतों के लिये जिम्मेदार है। रावत ने हादसे में मौतो के आंकड़ो पर सवाल खड़े किये हैं।

विधायक फूल सिंह बरैया का बयान

इधर कांग्रेस विधायक फूलसिंह बरैया ने कहा कि हादसे होते रहे हैं, हम गंभीरता से नहीं सोचेंगे तो हादसे बंद नहीं होंगे सबसे पहले जिम्मेदारी तय हो। कौन है जिम्मेदार ? उन्होंने कहा कि जिम्मेदार सरकार है, लेकिन सरकार खुद पर FIR नहीं करेगी, दूसरा जिम्मेदार है अफसर
एसपी, कलेक्टर पर FIR कर जेल भेजा जाए। तब तो जांच होगी, तभी जांच करने वाला सही जांच करेगा। बरैया ने कहा कि मृतकों के परिजन को एक एक करोड़ का मुआवजा मिले. फैक्ट्री में पटाखे नहीं बम बना रहे थे इसकी भी जांच की जाना चाहिए।  

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घटना पर शीघ्रता के साथ सरकार ने संज्ञान लिया है। तत्परता के कारण कई लोगों की हम जान बचा पाए, विषय काफी गंभीर और दुखद है। मृतकों की संख्या बढ़ सकती है यह जांच का विषय है, मैं इस पर कोई बयान नहीं देना चाहता।  ईश्वर करे मृतको की संख्या अब आगे न बड़े। 

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