संजय पाटीदार, भोपाल। मध्य प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। प्रदेश में 3 अक्टूबर से सोयाबीन उपार्जन के लिए पंजीयन शुरू होगा। भावांतर योजना के तहत रजिस्ट्रेशन किए जाएंगे। कृषि विभाग ने राज्य के सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी कर दिए है। भुगतान प्रक्रिया की टेस्टिंग के लिए पंजीयन के दौरान ही किसान के आधार लिंक बैंक खाते में 1 रुपए भेजा जाएगा। यह ट्रांजेक्शन मध्यप्रदेश राज्य आपूर्ति निगम ई-उपार्जन पोर्टल के जरिए करेगा। पंजीयन के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत किसानों से सोयाबीन की खरीदी की जाएगी। इस योजना का उद्देश्य किसानों को सोयाबीन की उपज का उचित मूल्य दिलाना है।
यहां कर सकेंगे पंजीयन
किसान सोयाबीन बेचने के लिए पंई-उपार्जन पोर्टल www.mpeuparjan.nic.in पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पंजीयन करा सकेंगे। इसके लिए जिले में निर्धारित पंजीयन केंद्रों पर जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं।
आधार नंबर का वेरिफिकेशन
पंजीयन कराने और फसल विक्रय के लिए आधार नंबर का वेरिफिकेशन कराना जरूरी है। वेरीफिकेशन आधार नंबर से लिंक मोबाइल नंबर पर मिले ओटीपी से या बायोमेट्रिक डिवाइस से किया जा सकेगा। किसान का पंजीयन केवल उसी स्थिति में हो सकेगा जबकि किसान के भू-अभिलेख के खाते और खसरे में दर्ज नाम का मिलान आधार कार्ड में दर्ज नाम से होगा। भू-अभिलेख और आधार कार्ड में दर्ज नाम में विसंगति होने पर पंजीयन का सत्यापन तहसील कार्यालय से कराया जाएगा। सत्यापन होने की स्थिति में ही पंजीयन मान्य होगा।
किसानों को करें SMS
पहले से खरीफ के पंजीयन में जिन किसानों के मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं, उन्हें एसएमएस के जरिए से सूचित किया जाएगा। गांव में डोडी पिटवाकर ग्राम पंचायतों के सूचना पटल पर पंजीयन सूचना प्रदर्शित कराने, समिति/मंडी स्तर पर बैनर के माध्यम से जानकारी दी जाएगी। सरकार ने किसान पंजीयन की सभी प्रक्रियाएं समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए है।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

