मुंबई। मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर बड़ी तस्वीर सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मुंबई में उद्योग समूहों और निवेशकों के साथ दिनभर चली वन-टू-वन बैठकों में प्रदेश को करीब ₹90 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। फार्मा, टेक्सटाइल, सीमेंट, नवीकरणीय ऊर्जा, दूरसंचार, डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स, रियल एस्टेट और हरित अधोसंरचना जैसे क्षेत्रों में देश की कई बड़ी कंपनियों ने मध्यप्रदेश में निवेश और विस्तार की योजनाएं सामने रखी हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की निवेश-अनुकूल नीतियां, पारदर्शी प्रक्रियाएं और औद्योगिक सुविधाएं प्रदेश को निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाती हैं। राज्य सरकार नए उद्योगों की स्थापना और मौजूदा औद्योगिक इकाइयों के विस्तार के लिए जरूरी सहयोग और अनुमतियां समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की केंद्रीय भौगोलिक स्थिति, पर्याप्त औद्योगिक भूमि, बेहतर होती अधोसंरचना और कुशल कार्यबल निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण अवसर उपलब्ध कराते हैं। सरकार का प्रयास है कि निवेश प्रस्ताव केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उन्हें तेजी से जमीन पर उतारा जाए, ताकि प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हों।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुंबई के होटल द सेंट रेजिस में आयोजित ‘मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर संवाद’ कार्यक्रम में उद्योग प्रतिनिधियों और निवेशकों से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने निवेश योजनाओं, औद्योगिक विस्तार और परियोजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की। मुख्यमंत्री ने सभी निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया।

जेएसडब्ल्यू समूह सीमेंट और पेंट कारोबार का करेगा विस्तार

जेएसडब्ल्यू समूह ने मध्यप्रदेश में अपने मौजूदा औद्योगिक कारोबार के विस्तार में रुचि दिखाई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से समूह के श्री पार्थ जिंदल ने प्रदेश में समूह की मौजूदा औद्योगिक उपस्थिति और भविष्य की विस्तार योजनाओं पर चर्चा की। वर्तमान में समूह की गतिविधियों में ग्वालियर में पेंट, धार में इस्पात, पन्ना में चूना पत्थर खनन तथा दमोह के गैसाबाद और हटा में सीमेंट से जुड़े कार्य शामिल हैं।

बैठक में सीमेंट, पेंट और अन्य व्यवसायों के विस्तार के साथ प्रगतिरत परियोजनाओं को जल्द पूरा करने और भविष्य में रणनीतिक निवेश के अवसरों पर चर्चा हुई। समूह की ओर से परियोजनाओं को गति देने के लिए राज्य सरकार से आवश्यक सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की गई।

अवादा का ₹22,156 करोड़ का बड़ा निवेश प्रस्ताव

अवादा समूह ने मध्यप्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण क्षेत्र में बड़े निवेश की योजना सामने रखी है। समूह के अध्यक्ष श्री प्रशांत चौबे ने मुख्यमंत्री से सौर, पवन, नियमित उपलब्धता वाली नवीकरणीय ऊर्जा और बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं को लेकर चर्चा की। अवादा समूह वर्ष 2013-14 से मध्यप्रदेश में काम कर रहा है। नीमच में 151 मेगावाट और आगर सोलर पार्क में 280 मेगावाट की सौर परियोजनाएं समूह की मौजूदा उपस्थिति का हिस्सा हैं। अब समूह ने कुल 2,362 मेगावाट क्षमता की परियोजनाओं के लिए ₹22,156 करोड़ का निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत किया है।

प्रस्ताव के तहत पचोरा में ₹6,616 करोड़, ईशानगर में ₹3,250 करोड़ और नीमच में ₹12,290 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। बैठक में परियोजनाओं के शीघ्र पंजीकरण, समूह की कंपनियों और विशेष प्रयोजन संस्थाओं द्वारा पंजीकरण के उपयोग, शासकीय भूमि आवंटन तथा भूमि अधिकारों के पट्टे या हस्तांतरण की अनुमति जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। आगर मालवा में पवन ऊर्जा पंजीकरण को 201.3 मेगावाट से बढ़ाकर 264 मेगावाट करने और परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए एकल-खिड़की सहयोग की अपेक्षा भी समूह की ओर से व्यक्त की गई।

पीथमपुर में एनक्यूब एथिकल्स लगाएगी नई फार्मा यूनिट

एनक्यूब एथिकल्स प्राइवेट लिमिटेड ने पीथमपुर में फार्मास्यूटिकल विनिर्माण के विस्तार के लिए ₹1,200 करोड़ से अधिक का निवेश प्रस्ताव दिया है। कंपनी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री मेहुल मधुसूदन शाह ने मुख्यमंत्री से कंपनी की विस्तार योजनाओं पर चर्चा की। कंपनी की मध्यप्रदेश में स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क, पीथमपुर में मौजूदा इकाई है। प्रस्ताव के तहत मौजूदा पीथमपुर इकाई का दूसरे चरण में विस्तार किया जाएगा। इसके अलावा 20 एकड़ से अधिक भूमि पर स्टेराइल ऑफ्थैल्मिक यानी आंखों की दवाओं के निर्माण के लिए नई विनिर्माण सुविधा स्थापित करने की योजना है। नई इकाई के लिए भूमि आवंटित की जा चुकी है।

दोनों फार्मा परियोजनाओं से 800 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। बैठक में परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने, राज्य सरकार के सहयोग और मध्यप्रदेश को कंपनी के विनिर्माण एवं निर्यात आधार के रूप में विकसित करने पर चर्चा हुई।

हिंदुस्तान यूनिलीवर का छिंदवाड़ा में ₹1,000 करोड़ तक का विस्तार

हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड ने छिंदवाड़ा के लहगडुआ स्थित अपने विनिर्माण संयंत्र के विस्तार की योजना सामने रखी है। कंपनी के कार्यकारी निदेशक, सप्लाई चेन, दक्षिण एशिया, श्री योगेश मिश्रा ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से प्रस्तावित विस्तार पर चर्चा की। कंपनी ने सर्फ एक्सेल और व्हील के लिए नई स्प्रे-ड्राइड डिटर्जेंट विनिर्माण सुविधा स्थापित करने के लिए भूमि की लागत को छोड़कर ₹800 से ₹1,000 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया है। परियोजना को वर्ष 2027 से 2030 के बीच चरणबद्ध तरीके से विकसित करने की योजना है। इससे करीब 700 प्रत्यक्ष और 1,500 अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बनने की संभावना है।

परियोजना के लिए 35 से 40 एकड़ भूमि, प्रतिदिन 1,000 किलोलीटर पानी और 5,000 केवीए विद्युत क्षमता की जरूरत बताई गई है। कंपनी शून्य तरल अपशिष्ट निर्वहन पद्धति अपनाने की योजना बना रही है। बैठक में मध्यप्रदेश निवेश प्रोत्साहन योजना-2025 के तहत अनुकूलित प्रोत्साहन पैकेज और विस्तार के लिए राज्य सरकार के सहयोग पर भी चर्चा हुई।

ग्वालियर में स्टरलाइट की ₹200 करोड़ की एआई-संचालित टेलीकॉम यूनिट

स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज लिमिटेड ने ग्वालियर के टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन में ₹200 करोड़ के निवेश से एआई-संचालित और निर्यातोन्मुख दूरसंचार उपकरण विनिर्माण सुविधा स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है। कंपनी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री चंद्रा शेखर ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से दूरसंचार उपकरण और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में निवेश को लेकर चर्चा की। प्रस्तावित इकाई का 75 प्रतिशत से अधिक उत्पादन निर्यात के लिए निर्धारित करने की योजना है।

इस परियोजना से करीब 1,000 रोजगार मिलने की संभावना है। कंपनी ने अपने कार्यबल में 70 प्रतिशत महिलाओं और 10 प्रतिशत दिव्यांगजनों की भागीदारी की परिकल्पना की है। बैठक में इकाई की स्थापना के लिए भूमि आवंटन सहित अन्य आवश्यक विषयों पर चर्चा हुई।

ब्लैकस्टोन और वनराज रियल्टी की लॉजिस्टिक्स-रियल एस्टेट में नजर

ब्लैकस्टोन और वनराज रियल्टी एलएलपी ने मध्यप्रदेश में लॉजिस्टिक्स, रियल एस्टेट और अन्य क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर मुख्यमंत्री से चर्चा की। ब्लैकस्टोन की अभी प्रदेश में मौजूदगी नहीं है। दोनों पक्षों के बीच करीब ₹500 से ₹1,000 करोड़ के संभावित निवेश के संदर्भ में प्रमुख स्थानों पर उपयुक्त राजस्व भूमि की उपलब्धता, निवेश प्रोत्साहन प्रक्रिया की स्पष्टता और आवश्यक अनुमतियों एवं स्वीकृतियों को तेजी से पूरा करने पर विचार-विमर्श हुआ।

सिफी टेक्नोलॉजीज की हाइपरस्केल और एआई डेटा सेंटर में रुचि

सिफी टेक्नोलॉजीज लिमिटेड ने मध्यप्रदेश में डेटा सेंटर अधोसंरचना विकसित करने में रुचि दिखाई है। कंपनी के डेटा सेंटर व्यवसाय के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शरद अग्रवाल ने मुख्यमंत्री से हाइपरस्केल, एआई-रेडी और एज डेटा सेंटर स्थापित करने की संभावनाओं पर चर्चा की। कंपनी के अनुसार ऐसे डेटा सेंटर के लिए विश्वसनीय बिजली, नवीकरणीय ऊर्जा, फाइबर कनेक्टिविटी और भविष्य में विस्तार की सुविधा वाली भूमि आवश्यक होगी। बैठक में भूमि, पात्र प्रोत्साहनों और समयबद्ध प्रस्ताव के लिए एकल-खिड़की सहयोग पर चर्चा की गई।

इन्फ्रा मार्केट का ₹200 करोड़ का प्रस्ताव

हेला इन्फ्रा मार्केट लिमिटेड ने निर्माण सामग्री क्षेत्र में ₹200 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव रखा है। कंपनी के सह-संस्थापक, मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं निदेशक श्री सौविक सेनगुप्ता ने मुख्यमंत्री से विनिर्माण विस्तार और स्थानीय आपूर्ति शृंखला को मजबूत करने को लेकर चर्चा की।

कंपनी वर्ष 2016 से मध्यप्रदेश में काम कर रही है। प्रस्तावित निवेश से करीब 250 रोजगार सृजित होने की संभावना है। बैठक में उपयुक्त औद्योगिक स्थानों की पहचान के साथ भूमि, अधोसंरचना, आवश्यक अनुमतियों और पात्र प्रोत्साहनों को लेकर राज्य सरकार के सहयोग पर चर्चा हुई।

डी एंड एच इंडिया इंदौर के पास लगाएगी नई इकाई

डी एंड एच इंडिया लिमिटेड ने इंदौर के पास करीब 25 एकड़ भूमि पर ₹300 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया है। कंपनी के निदेशक श्री सौरभ वोरा ने मुख्यमंत्री से वेल्डिंग सामग्री और इससे जुड़ी विनिर्माण गतिविधियों के विस्तार पर चर्चा की।

कंपनी वर्ष 1974 से मध्यप्रदेश में कार्यरत है और इसके कार्यालय मुंबई तथा इंदौर में हैं। प्रस्तावित परियोजना से करीब 500 रोजगार मिलने की संभावना है। परियोजना के समयबद्ध क्रियान्वयन, भूमि, अधोसंरचना, आवश्यक स्वीकृतियों और पात्र प्रोत्साहनों को लेकर चर्चा हुई।

एवरसोर्स का ₹3,500 करोड़ का प्रतिबद्ध निवेश

एवरसोर्स कैपिटल ने मध्यप्रदेश में हरित अधोसंरचना क्षेत्र में करीब ₹3,500 करोड़ के प्रतिबद्ध निवेश की जानकारी दी है। समूह की कार्यकारी निदेशक सुश्री खुशबू शाहानी ने मुख्यमंत्री से हरित अधोसंरचना में निवेश और नए अवसरों को लेकर चर्चा की। समूह की परियोजनाएं इलेक्ट्रिक बसों, संपीड़ित बायोगैस और स्मार्ट मीटर जैसे क्षेत्रों से जुड़ी हैं। इनसे करीब 6,000 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। ग्रीनसेल के माध्यम से पीएम ई-बस सेवा के तहत 682 इलेक्ट्रिक बसों में करीब ₹2,000 करोड़ का निवेश शामिल है।

इसके अलावा एवरएनवायरो के इंदौर और प्रस्तावित भोपाल बायोगैस संयंत्रों से करीब ₹350 करोड़ का निवेश जुड़ा है। एनर्जीमार्क और अल्फानार के माध्यम से भोपाल एवं जबलपुर की बिजली वितरण कंपनियों के लिए 23 लाख स्मार्ट मीटर परियोजनाओं में करीब ₹1,200 करोड़ का निवेश शामिल है। बैठक में प्रगतिरत परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही चुनौतियों को दूर करने, निवेश विस्तार और नए अवसरों पर चर्चा की गई।

मीरा कॉटन का ₹2,000 करोड़ का टेक्सटाइल निवेश

मीरा कॉटन एंड सिंथेटिक मिल्स प्राइवेट लिमिटेड ने मध्यप्रदेश में टेक्सटाइल और परिधान क्षेत्र में ₹2,000 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया है। कंपनी के निदेशक श्री जय जयेश शाह ने अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री जयेश शाह के साथ मुख्यमंत्री से निवेश योजना पर चर्चा की।

कंपनी पॉलिएस्टर टेक्सचर्ड यार्न, निटेड फैब्रिक और गारमेंट का एकीकृत विनिर्माण करती है। इसके संयंत्र भिवंडी और सिलवासा में हैं। मध्यप्रदेश में प्रस्तावित नई इकाई से करीब 4,000 रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। नई इकाई की स्थापना और संचालन को सुगम बनाने के लिए अधोसंरचना तथा पात्र प्रोत्साहनों से संबंधित सहयोग पर चर्चा हुई।

सनटेक रियल्टी की GCC और डेटा सेंटर में रुचि

सनटेक रियल्टी लिमिटेड ने मध्यप्रदेश में रियल एस्टेट और शहरी अधोसंरचना क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं तलाशीं। कंपनी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री कमल खेतान ने मुख्यमंत्री से ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर यानी GCC, डेटा सेंटर से जुड़े इकोसिस्टम तथा लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। बैठक में उपयुक्त राजस्व भूमि उपलब्ध कराने, पात्र प्रोत्साहनों की प्रक्रिया और आवश्यक अनुमतियों एवं स्वीकृतियों के शीघ्र निराकरण पर विचार-विमर्श हुआ।

इंडियन डायमंड सीमेंट का ₹3,000 करोड़ से ज्यादा का प्रस्ताव

इंडियन डायमंड सीमेंट इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने मध्यप्रदेश में सीमेंट और अधोसंरचना क्षेत्र में ₹3,000 करोड़ से अधिक के निवेश का प्रस्ताव दिया है। कंपनी की प्रदेश के सतना में मौजूदगी है। प्रस्तावित निवेश से 1,000 से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।

कंपनी ने पन्ना जिले की गुनौर तहसील में करीब 1,000 एकड़ भूमि के स्वामित्व से जुड़े विषयों और खनिज ब्लॉक पर शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा जताई। बैठक में भूमि और पानी की उपलब्धता, परियोजना जल्द शुरू करने के लिए एकल-खिड़की स्वीकृतियों तथा बिक्री कर और अन्य प्रोत्साहनों पर भी चर्चा की गई।

निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने पर जोर

मुंबई में हुई इन बैठकों में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि मध्यप्रदेश सरकार उद्योगों की स्थापना और विस्तार में आने वाली प्रक्रियात्मक बाधाओं को दूर करने के लिए हरसंभव सहयोग देगी। सरकार का जोर सिंगल विंडो व्यवस्था, समयबद्ध अनुमतियों, भूमि उपलब्धता और निवेश प्रोत्साहनों के जरिए परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने पर है।

करीब ₹90 हजार करोड़ के निवेश प्रस्तावों में ऊर्जा, फार्मा, सीमेंट, टेक्सटाइल, टेलीकॉम, डेटा सेंटर, रियल एस्टेट, लॉजिस्टिक्स और हरित अधोसंरचना जैसे विविध क्षेत्र शामिल हैं। इन प्रस्तावों के जमीन पर उतरने से प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलने के साथ बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने निवेशकों से मध्यप्रदेश में अपनी परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने का आग्रह करते हुए कहा कि राज्य सरकार निवेशकों के साथ कदम से कदम मिलाकर काम करेगी। साथ ही उन्होंने आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में देश-विदेश के निवेशकों की व्यापक भागीदारी का आह्वान किया।

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