MP Weather Update: मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई हो चुकी है। लेकिन चक्रवात के चलते बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। जबलपुर, शहडोल और रीवा संभाग में अगले 4 दिन वर्षा होने का अनुमान है। हालांकि दिन में धूप और रात में ठंड का असर रहेगा। इंदौर में रात का तापमान सबसे कम दर्ज किया गया है। वहीं अधिकतम तापमान 37 डिग्री से ज्यादा रिकॉर्ड किया गया है।

इन जिलों में बारिश का अनुमान

मौसम विभाग के मुताबिक, मध्य प्रदेश के ऊपर हिस्से में साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) की सक्रियता देखने को मिल रही है। जिसकी वजह से आज मंगलवार को शहडोल, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, मैहर, पन्ना और रीवा में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने के आसार है। इन जिलों में 7 और 8 अक्टूबर को भी बारिश हो सकती है।

यहां रात का तापमान सबसे कम

इंदौर में रात का तापमान सबसे कम 17.2 डिग्री दर्ज किया गया है। वहीं बैतूल में 17.5 डिग्री, छिंदवाड़ा में 17.6 डिग्री, पचमढ़ी में 18 डिग्री और अमरकंटक में 18.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं अधिकतम तापमान 37 डिग्री से ऊपर चल रहा है।

इस सीजन 4% प्रतिशत कम बारिश

आपको बता दें कि एमपी में 24 जून को मानसून की एंट्री हुई थी और 3 अक्टूबर को विदाई। मानसून इस बार 100 दिन सक्रिय रहा। दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान एमपी में कुल 908.4 मिमी यानी 35.8 इंच बारिश हुई। जो कि सामान्य बारिश 37.3 इंच (949.5 मिमी) की तुलना में 1.5 इंच कम है। वहीं ओवरऑल 4 प्रतिशत कम वर्षा हुई। पूर्वी हिस्से में 4 प्रतिशत ज्यादा और पश्चिमी हिस्से में औसत से 12 फीसद बारिश कम हुई है।

यहां कोटा फुल, इन जिलों में कम गिरा पानी

प्रदेश के 25 जिलों में पानी का कोटा फुल हो गया है। जिसमें भोपाल, ग्वालियर, राजगढ़, कटनी, शहडोल, श्योपुर, सिंगरौली, सतना, सीधी, मऊगंज, अनूपपुर, उमरिया, बुरहानपुर, मंडला, खरगोन, डिंडोरी, दतिया, गुना, पन्ना, निवाड़ी, भिंड, मैहर, टीकमगढ़, आगर मालवा और छतरपुर शामिल है। वहीं 30 जिलों में कम वर्षा हुई, जिसमें इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, विदिशा, रीवा, रायसेन, सीहोर, सागर, सिवनी, शिवपुरी, शाजापुर, अशोकनगर, बालाघाट, मंदसौर, मुरैना, बैतूल, बड़वानी, खंडवा, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, नीमच, हरदा, झाबुआ, रतलाम, आलीराजपुर, धार, देवास, दमोह, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा शामिल हैं।

कमजोर मानसून से इन जिलों की हालात खराब

मध्य प्रदेश में कमजोर मानसून से 11 जिलों की स्थिति गंभीर है। आलीराजपुर, धार और झाबुआ सबसे कम बारिश वाले टॉप-5 जिलों में शामिल है। आलीराजपुर में सामान्य से 52% कम बारिश, सबसे ज्यादा बारिश की कमी है। 11 में से 9 जिले सूखाग्रस्त की स्थिति के करीब है, सूखाग्रस्त पैमाने पर पहुंचे। इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर प्रभावित है। शाजापुर और पांढुर्णा में भी सामान्य से महज 3% का अंतर है। बारिश की कमी से पेयजल के साथ खरीफ फसलों पर भी संकट मंडरा रहा है। सोयाबीन, मूंग, मक्का समेत खरीफ फसलों को नुकसान हुआ है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m