भोपाल/इंदौर/ग्वालियर/जबलपुर। मध्य प्रदेश में 2,000 रुपये से अधिक के UPI भुगतान पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानि MDR शुल्क लगाने के फैसले के विरोध में आज प्रदेशभर में नो-UPI डे मनाया जा रहा है। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल मध्य प्रदेश के आह्वान पर भोपाल, इंदौर सहित पूरे प्रदेश के व्यापारी 2,000 रुपये से अधिक राशि का ऑनलाइन भुगतान स्वीकार नहीं कर रहे हैं।

व्यापारियों ने स्पष्ट किया है कि यह एक सांकेतिक और स्वैच्छिक विरोध है तथा किसी भी व्यापारी के साथ जोर-जबर्दस्ती नहीं की जाएगी। राजधानी भोपाल में व्यापारियों ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाते हुए दुकानों पर लगे यूपीआई क्यूआर (QR) स्कैनर को काले कपड़े से ढंककर सांकेतिक प्रदर्शन का ऐलान किया है।

इंदौर-ग्वालियर-जबलपुर में भी सड़कों पर उतरे व्यापारी

नो UPI डे का असर पूरे मध्य प्रदेश में दिखने वाला है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर के व्यापारियों ने पहले ही यह ऐलान कर दिया था कि आज के दिन किसी भी तरह का UPI पेमेंट नहीं लिया जाएगा। हालांकि कुछ व्यापारियों का कहना था कि 2000 से कम के पेमेंट लिये जाएंगे।

आपको बता दें कि बीते दिन इंदौर में जगह-जगह व्यापारियों द्वारा विरोध किया गया और नारे लगाए गए। वहीं इंदौर के अहिल्या चेम्बर्स ने इस आंदोलन को व्यापक बनाने के लिए भारी संख्या में पोस्टर छपवाये और उन्हें शहर भर में चिपकवाने का कार्य किया गया। अहिल्या चेम्बर्स ने इंदौर के सभी व्यापारियों से अपील की है कि इस विरोध में शामिल हों।

व्यापारियों पर आर्थिक बोझ, थोक कारोबारियों की बढ़ी परेशानी

व्यापारियों का कहना है कि 15 अक्टूबर से लागू हो रहे इस नियम के तहत 2000 रूपये से ज्यादा के पर्सन टू मर्चेंट यूपीआई पेमेंट पर 0.4% MDR लगेगा। 75000 रुपये और उससे ज्यादा के लेन-देन पर अधिकतम चार्ज 300 रुपये तक होगा। जो व्यापारियों के जेब पर खर्च डालेगा।

4,700 पेट्रोल पंप भी विरोध में शामिल

मध्य प्रदेश पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन ने भी व्यापारियों के इस आंदोलन का समर्थन किया है। एसोसिएशन ने निर्णय लिया है कि 16 अक्टूबर से प्रदेश के 4,700 पेट्रोल पंपों पर 2,000 से अधिक के पेट्रोल-डीजल बिल का UPI से भुगतान नहीं लिया जाएगा। बुधवार को आयोजित सांकेतिक विरोध में भी पंप संचालक शामिल रहे।

वित्त मंत्रालय का स्पष्टीकरण: ग्राहकों पर नहीं, व्यापारियों पर लगेगा चार्ज

उल्लेखनीय है कि वित्त मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी कर स्थिति स्पष्ट की है कि 2,000 रुपये से अधिक के भुगतान पर 0.4% MDR फीस ग्राहकों से नहीं, बल्कि बिजनेसमैन से ली जाएगी। हालांकि 2,000 रुपये तक का यूपीआई भुगतान ग्राहक और व्यापारी दोनों के लिए पूरी तरह निशुल्क रहेगा। इसके अलावा, RuPay डेबिट कार्ड से होने वाले लेन-देन को भी इस छूट के दायरे में रखा गया है।

सरकार ने देश में यूपीआई को बढ़ावा देने और इसे निशुल्क रखने के लिए वित्त वर्ष 2021-22 में प्रोत्साहन योजना की शुरुआत की थी, जिसके तहत 2,000 रुपये तक के यूपीआई पेमेंट पर 0.15% इंसेंटिव दिया गया। सरकार द्वारा 2024-25 तक लगभग 8,276 करोड़ रुपये का इंसेंटिव दिया जा चुका है। जून 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार देश में करीब 55.5 करोड़ यूपीआई यूजर्स एक्टिव हैं।

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