कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। मध्य प्रदेश के राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य के विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर को अचानक दिल्ली से बुलावा आया, जिसके बाद वे अपने पूर्व निर्धारित सभी स्थानीय कार्यक्रमों को निरस्त कर फ्लाइट से तुरंत दिल्ली रवाना हो गए। दिल्ली पहुंचने के बाद सोमवार रात उन्होंने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से उनके आवास पर मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब 15 से 20 मिनट तक चली इस बंद कमरे की बैठक में प्रदेश के कई महत्वपूर्ण राजनीतिक विषयों पर चर्चा हुई।
क्यों अहम मानी जा रही है यह मुलाकात?
राजनीतिक गलियारों में इस हाई-प्रोफाइल मुलाकात को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। जानकारों का मानना है कि इस बैठक के पीछे कई बड़े सियासी कारण हो सकते हैं। शिवराज के धरने का घटनाक्रम: हाल ही में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठने के राजनीतिक घटनाक्रम के बाद इस मुलाकात को बेहद अहम माना जा रहा है। डैमेज कंट्रोल और राजनीतिक पटाक्षेप: नरेंद्र सिंह ताेमर और शिवराज सिंह चौहान के बीच गहरी राजनीतिक दोस्ती जगजाहिर है और दोनों नेता एक-दूसरे का पूरा सम्मान करते हैं। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि तोमर को दिल्ली इस पूरे राजनीतिक मामले के पटाक्षेप और डैमेज कंट्रोल के लिए बुलाया गया था।
संगठन और सत्ता का संतुलन
मध्य प्रदेश की सत्ता और संगठन में नरेंद्र सिंह तोमर का कद बेहद मजबूत माना जाता है। गृह मंत्री अमित शाह ने प्रदेश के अन्य हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों और आगामी रणनीतियों पर भी उनसे विस्तार से फीडबैक लिया है। अचानक हुए इस दिल्ली दौरे और केंद्रीय गृह मंत्री से मुलाकात के बाद अब मध्य प्रदेश के राजनीतिक हलकों में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं और आने वाले दिनों में इसके बड़े राजनीतिक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।

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