शब्बीर अहमद, भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए पदोन्नति को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने सहायक ग्रेड-3 या समकक्ष पदों पर पदोन्नति के संबंध में नए और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इस नए आदेश से जहां एक ओर पात्र कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है, वहीं कुछ नियमों की अनिवार्यता भी बरकरार रखी गई है।
CPCT स्कोर कार्ड से छूट, लेकिन दक्षता जरूरी
नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, सहायक ग्रेड-3 या इसके समकक्ष पदों पर पदोन्नति पाने वाले कर्मचारियों को अब प्रारंभिक स्तर पर कंप्यूटर दक्षता परीक्षा (CPCT) के स्कोर कार्ड से छूट दे दी गई है। हालांकि, इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि कंप्यूटर का ज्ञान जरूरी नहीं होगा; कंप्यूटर दक्षता की अनिवार्यता पूरी तरह से बरकरार रखी गई है। कर्मचारियों को अपनी निर्धारित शैक्षणिक योग्यता के साथ-साथ कार्य के दौरान कंप्यूटर दक्षता परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी।
दो वर्ष की परीक्षण अवधि और नियम
पदोन्नति के बाद कर्मचारियों के लिए दो वर्ष की परीक्षण (परीक्षा) अवधि निर्धारित की गई है। यदि कोई कर्मचारी निर्धारित योग्यता या परीक्षा पास नहीं कर पाता है, तो उसकी इस परीक्षण अवधि को अधिकतम तीन वर्ष और बढ़ाया जा सकता है। कुल पांच साल की अवधि बीत जाने के बाद भी यदि निर्धारित योग्यता हासिल नहीं होती है, तो संबंधित कर्मचारी को उसके मूल चतुर्थ श्रेणी पद पर वापस भेज दिया जाएगा।
45 वर्ष से अधिक उम्र वालों को विशेष छूट
सरकार ने उम्रदराज कर्मचारियों का विशेष ध्यान रखते हुए प्रावधान किया है कि 45 वर्ष की आयु पूरी कर चुके कर्मचारियों को CPCT स्कोर कार्ड से पूरी छूट रहेगी। हालांकि, उन्हें भी अपने कार्य के लिए आवश्यक कंप्यूटर दक्षता की अहर्ता पूरी करनी होगी।
राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में सभी प्रमुख विभागों के अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों, संभागायुक्तों और जिला कलेक्टरों को आवश्यक दिशा-निर्देश भेज दिए हैं, ताकि पदोन्नति की प्रक्रिया को सुचारू रूप से आगे बढ़ाया जा सके।



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